ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका को दी चेतावनी- ‘नेतन्याहू को कूटनीतिक प्रक्रिया खत्म करने से रोके ट्रंप’

Shivam
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Iran US Ceasefire News: अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में लागू हुए दो हफ्ते के सीजफायर के बावजूद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के बजाय और जटिल होता नजर आ रहा है. ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अमेरिका को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि वह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को कूटनीतिक प्रक्रिया को खत्म करने की इजाजत न दे.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने बयान में अराघची ने कहा कि 40 दिनों की लड़ाई के बाद एक अहम सीजफायर हुआ है, लेकिन हालात अभी भी नाजुक बने हुए हैं. उन्होंने साफ कहा कि नेतन्याहू का क्रिमिनल ट्रायल रविवार को फिर से शुरू हो रहा है और लेबनान समेत पूरे इलाके में सीजफायर लागू करने से उन्हें जेल भेजने में तेजी आ सकती है.

उन्होंने आगे कहा, “अगर अमेरिका पीएम नेतन्याहू को डिप्लोमेसी खत्म करने देता है, तो यह आखिरकार उसकी मर्जी होगी। हमें लगता है कि यह बेवकूफी होगी, लेकिन हम इसके लिए तैयार हैं।” इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि ईरान अब किसी भी स्थिति के लिए खुद को तैयार मान रहा है.

संसद स्पीकर का भी सख्त संदेश

ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कलीबाफ ने भी सोशल मीडिया पर चेतावनी भरे लहजे में कहा कि समय तेजी से खत्म हो रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि लेबनान और रेजिस्टेंस एक्सिस इस सीजफायर का अहम हिस्सा हैं और इन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. उनके इस बयान से यह साफ हो गया है कि ईरान केवल अपने हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे क्षेत्रीय समीकरण को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति बना रहा है.

कूटनीतिक स्तर पर तेज हुई बातचीत

न्यूज एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने गुरुवार को रूस, फ्रांस, स्पेन और जर्मनी के विदेश मंत्रियों के साथ अलग-अलग फोन कॉल पर सीजफायर की स्थिति पर चर्चा की. रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ बातचीत में अराघची ने कहा कि ईरान ने जिम्मेदारी भरा रवैया अपनाया है. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर अमेरिका अपने वादों को पूरा करता है, तो सीजफायर के तहत दो हफ्तों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा.

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ बातचीत में अराघची ने इजरायल द्वारा सीजफायर के उल्लंघन और लेबनान पर हमलों पर अफसोस जताया और इजरायल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की मांग की. बैरोट ने भी सीजफायर का स्वागत किया और लेबनान पर हमले रोकने की जरूरत बताई. वहीं, स्पेन के विदेश मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस ने ईरान पर हुए हमलों को गैर-कानूनी बताते हुए सभी पक्षों से कूटनीतिक रास्ते पर बने रहने की अपील की.

सीजफायर लागू, लेकिन विवाद जारी

अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर बुधवार से लागू हो चुका है. इसके तहत इस हफ्ते के अंत में इस्लामाबाद में शांति वार्ता शुरू होने की तैयारी है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी पक्ष का नेतृत्व मोहम्मद बाकर कलीबाफ करेंगे. हालांकि, इस सीजफायर को लेकर विवाद भी सामने आ गया है. इजरायल ने स्पष्ट किया है कि सीजफायर में लेबनान को शामिल नहीं किया गया है, जिस पर ईरान और मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे पाकिस्तान ने आपत्ति जताई है.

सीजफायर के बाद भी हमला

सीजफायर लागू होने के कुछ ही घंटों बाद हालात और बिगड़ गए, जब इजरायल ने लेबनान पर बड़ा हमला किया. इस हमले में 300 से ज्यादा लोगों की मौत हुई और 1,100 से अधिक लोग घायल हो गए. इस घटना ने सीजफायर की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह संकेत दिया है कि जमीनी स्तर पर स्थिति अभी भी बेहद अस्थिर बनी हुई है.

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