Israel-Iran War : अमेरिका, इजरायल और ईरान की जंग तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुकी है. ऐसे में पहली बार व्हाइट हाउस के विशेष दूत और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के बीच सीधी बात हुई है. बता दें कि वॉशिंगटन स्थित मीडिया ने अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से यह खबर दी है.
रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से नही बताया गया कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और अब्बास अराघची के बीच क्या बात हुई है, लेकिन बता दें कि जंग शुरू होने के बाद यह पहली हाई लेवल बातचीत है. जानकारी के मुताबिक, दोनों देशों के नेताओं के हवाले से एक ही बात को अलग-अलग तरीके से बताया जा रहा है. कुछ कह रहे हैं कि अराघची ने विटकॉफ को मैसेज किए, जबकि कुछ का ये कहना है कि विटकॉफ ने अराघची को जंग को लेकर मैसेज भेजा है.
ईरानी विदेश मंत्री ने मैसेज को किया अनदेखा
मीडिया रिपोर्ट का कहना है कि अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि ईरानी विदेश मंत्री ने जंग खत्म करने के लिए स्टीव विटकॉफ को टेक्स्ट मैसेज किया. हालांकि, एक और ईरानी अधिकारियों के हवाले से कहा है कि मैसेज स्टीव विटकॉफ ने अराघची को भेजे, लेकिन ईरानी विदेश मंत्री ने उनके मैसेज को अनदेखा कर दिया.
अमेरिकी अधिकारियों ने कहा
इस मामले को लेकर अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि अराघची व्हाइट हाउस से बात करना चाहते थे, लेकिन अमेरिका उनसे बात नहीं कर रहा है. हालांकि, आधिकारिक सूत्र ने यह जानकारी नहीं दी है कि कितने मैसेज किए गए और उनमें क्या बात हुई. इसी कड़ी में ईरानी अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इस मुद्दे पर एक पोस्ट किया है.
पोस्ट के जरिए अराघची ने दी जानकारी
पोस्ट के दौरान उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी स्टीव विटकॉफ के साथ कोई बातचीत नहीं हुई है. जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि पिछले साल जब ईरान पर हमला हुआ था, उस वक्त उनकी स्टीव विटकॉफ से आखिरी बार बात हुई थी. उन्होंने ये भी कहा कि ‘इसके विपरीत किया गया कोई भी दावा तेल व्यापारियों और जनता को गुमराह करने के लिए किया गया प्रतीत होता है.’
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