Iran Israel War: इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन शुरू होते ही कई देशों के प्रतिनिधि विरोध जताते हुए हॉल से बाहर चले गए. दूसरी ओर, इजरायली प्रतिनिधिमंडल के सदस्य खड़े होकर तालियां बजाते हुए नेतन्याहू का समर्थन करते दिखाई दिए. भाषण की शुरुआत में ही नेतन्याहू ने वॉकआउट करने वाले प्रतिनिधियों पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि अगर सदन में कोई और ‘नैतिक रूप से कायर’ प्रतिनिधि मौजूद है, तो वह भी बाहर जा सकता है.
आलोचना करने वाले देशों पर उठाए सवाल
अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने इजरायल की नीतियों की आलोचना करने वाले देशों, राजनयिकों और प्रदर्शनकारियों पर सवाल उठाए. ईरान का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि वहां की मौजूदा सत्ता हमेशा कायम नहीं रहेगी और अंततः उसका अंत हो. उन्होंने आलोचकों से पूछा कि वे ईरान की गतिविधियों और मध्य पूर्व में ईसाइयों के कथित उत्पीड़न पर सवाल क्यों नहीं उठाता.
ईसाई समुदाय की स्थिति का उल्लेख किया Iran Israel War
नेतन्याहू ने इजरायल में ईसाई समुदाय की स्थिति का भी उल्लेख किया. उन्होंने दावा किया कि इजरायल ऐसा देश है जहां ईसाई आबादी में वृद्धि हो रही है और समुदाय समृद्ध कर रहा है. ईरान की सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि वहां के लोग एक दिन आजादी हासिल करेंगे और मौजूदा शासन अपने कथित झूठ, भ्रष्टाचार और कठोर नीतियों के कारण आखिरकार समाप्त हो जाएगा.
देश कभी कमजोर नहीं पड़ेगा
भाषण के अंत में नेतन्याहू ने इजरायल के अस्तित्व को लेकर कहा कि देश कभी कमजोर नहीं पड़ेगा, क्योंकि उसके सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं है.
नेतन्याहू ने एक पेजर भी हाथ में उठाया
अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने एक पेजर भी हाथ में उठाया और दर्शकों से पूछा कि क्या उन्हें यह उपकरण याद है. इसके बाद उन्होंने हिजबुल्लाह का जिक्र करते हुए कहा कि संगठन को ये पेजर जरूर याद होंगे. इस दौरान सदन में मौजूद लोगों की ओर से तालियां भी सुनाई दीं.
पेजर विस्फोटों की घटना की ओर था इशारा
नेतन्याहू का यह इशारा सितंबर 2024 में लेबनान में हुए पेजर विस्फोटों की घटना की ओर था. उस हमले में एक साथ बड़ी संख्या में पेजर फटने की घटनाएं सामने आई थीं. इसमें 9 लोगों की मौत हुई थी, जबकि करीब 3,000 लोग घायल हुए थे. नेतन्याहू ने अपने भाषण में यह भी दावा किया कि इजरायल ने सात मोर्चों पर जारी संघर्ष के दौरान हमास और हिजबुल्लाह को भारी नुकसान पहुंचाया है.
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