Israel US Iran War: ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने बुशहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास अमेरिका-इजरायल हमले की निंदा की और पश्चिम एशिया इलाके के लिए इसके खतरनाक नतीजों की चेतावनी दी.
एक सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई
इससे पहले, तेहरान ने पुष्टि की कि शनिवार सुबह ईरान के इकलौते ऑपरेशनल न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा, जिसमें एक सुरक्षा कर्मी की मौत हो गई और साइट पर एक बिल्डिंग को नुकसान पहुंचा. न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से यह चौथा ऐसा हमला था.
अराघची ने दी चेतावनी Israel US Iran War
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में, अराघची ने कहा, “इजरायल-अमेरिका ने अब तक हमारे बुशहर प्लांट पर चार बार बमबारी की है. रेडियोएक्टिव फॉलआउट जीसीसी की राजधानियों में जिंदगी खत्म कर देगा, तेहरान में नहीं.” ईरान की सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, स्ट्राइक से प्लांट में ऑपरेशन में कोई रुकावट नहीं आई, क्योंकि इसके मुख्य हिस्से सही-सलामत हैं. इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (आईएईए) ने कहा कि स्ट्राइक के बाद रेडिएशन स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई.
आईएईए के डायरेक्टर ने जताई चिंता
आईएईए के डायरेक्टर जनरल राफेल ग्रॉसी ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और जोर दिया कि न्यूक्लियर पावर प्लांट की जगहों या आस-पास के इलाकों पर “कभी भी हमला नहीं होना चाहिए.” उन्होंने न्यूक्लियर हादसे के खतरे से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा सैन्य नियंत्रण रखने की अपील की. सेमी-ऑफिशियल तस्नीम न्यूज एजेंसी ने बताया कि ईरान के दक्षिण-पश्चिमी खुजेस्तान प्रांत में कई पेट्रोकेमिकल कंपनियों पर यूएस-इजरायली हमलों में कम से कम पांच लोग घायल हो गए. अराघची ने कहा कि तेहरान पर थोपे गए अमेरिकी और इजरायली संघर्ष के “पक्के और हमेशा के लिए” खत्म होने की शर्तें सुनिश्चित करना चाहता है.
ईरान ने इजरायल और अमेरिका के बेस पर हमले किए
ईरान की आईआरजीसी नौसेना ने कहा कि उसने इजरायल से जुड़े एक जहाज पर ड्रोन से हमला किया, जिससे उसमें आग लग गई. इस बीच, अपने आधिकारिक न्यूज आउटलेट सेपा न्यूज पर एक बयान में, आईआरजीसी ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उसकी सेना ने बहरीन के एक पोर्ट पर इजरायल के मालिकाना हक वाले एक कमर्शियल जहाज को निशाना बनाया था. यह घटना 28 फरवरी से ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त एयर स्ट्राइक के बाद बढ़े हुए क्षेत्रीय तनाव के बीच हुआ. वहीं अमेरिका और इजरायल के इस हमले के जवाब में ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने पूरे मिडिल ईस्ट में इजरायल और अमेरिका की संपत्तियों और बेस पर हमले किए.