Jaishankar Visit To Russia: दो दिवसीय रूस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने रूस यात्रा के दौरान विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव के साथ द्विपक्षीय सहयोग, क्षेत्रीय संकट, वैश्विक चुनौतियों और बहुपक्षीय मुद्दों पर व्यापक बातचीत की. जयशंकर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि लावरोव के साथ उनकी बातचीत कई अहम मुद्दों पर केंद्रित रही. दोनों नेताओं के बीच भारत-रूस संबंधों से जुड़े विषयों के अलावा क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों पर भी चर्चा हुई.
जयशंकर ने पुतिन को सौंपा PM मोदी का निजी संदेश
एस.जयशंकर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का निजी संदेश उन्हें सौंपा. उन्होंने 27वें भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग की बैठक में हुई चर्चाओं और दोनों देशों के बीच सहयोग की प्रगति से रूसी राष्ट्रपति को अवगत कराया.
बैठक के दौरान विदेश मंत्री जयशंकर ने व्यापार, ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु सहयोग और अन्य क्षेत्रों में भारत-रूस आर्थिक संबंधों की प्रगति का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग में महत्वपूर्ण वृद्धि हुई है.
SCO और BRICS पर भी हुई चर्चा
जयशंकर ने पुतिन को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आगामी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में उनसे मुलाकात को लेकर उत्सुक हैं. इसके साथ ही उन्होंने पुतिन को भारत में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में आमंत्रित किए जाने की बात भी कही. पुतिन ने जयशंकर का स्वागत करते हुए प्रधानमंत्री मोदी को अपनी शुभकामनाएं देने को कहा. उन्होंने उम्मीद जताई कि SCO शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात होगी.
रूसी राष्ट्रपति ने भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के तहत जयशंकर और रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव के बीच हुई चर्चाओं का उल्लेख किया. इनमें ऊर्जा, उर्वरक आपूर्ति, परमाणु ऊर्जा और हाईटेक क्षेत्रों में सहयोग जैसे मुद्दे शामिल रहे. इससे पहले जयशंकर ने मंतुरोव के साथ भारत-रूस अंतर-सरकारी आयोग के 27वें सत्र की सह-अध्यक्षता की थी. बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार, आर्थिक, वैज्ञानिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग की समीक्षा हुई.
जयशंकर ने उरुग्वे के राष्ट्रीय दिवस पर दी शुभकामनाएं
जयशंकर ने उरुग्वे के राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर वहां के विदेश मंत्री मारियो लुबेतकिन, सरकार और जनता को शुभकामनाएं दीं. उन्होंने भारत और उरुग्वे के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने की भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई.