Washington: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जॉर्जिया विश्वविद्यालय में मंगलवार को छात्रों को संबोधित करते हुए राष्ट्रवाद पर जोर दिया. वेंस ने कहा कि USA की नागरिकता प्राप्त करने वाले प्रवासियों को खुद को अमेरिकी समझना चाहिए, न कि उस देश का नागरिक जहां से वे आए हैं. वेंस ने कहा कि उनकी शादी भारतीय प्रवासी की बेटी से हुई है, जिन्होंने अमेरिका में बहुत योगदान दिया है. लेकिन उनके ससुर ने उनसे कभी भी विशेष रूप से अपने मूल देश के हित में कुछ भी करने के लिए नहीं कहा.
देश के सर्वोत्तम हित के बारे में सोचना होगा
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि जब आप अमेरिकी नागरिक बनते हैं, फिर चाहे आपके परिवार की नौ पीढ़ियां अमेरिका में रही हों या आपके परिवार की एक भी पीढ़ी अमेरिका में नहीं रही हो, ऐसे में जिस जिम्मेदारी की नागरिकों से अपेक्षा की जाती है, उनमें से एक यह है कि आपको देश के सर्वोत्तम हित के बारे में सोचना होगा न कि उस देश के बारे में जिससे आप पहले आए थे या किसी भी समूह के बारे में जिससे आप आए थे.
एच1-बी वीजा प्रणाली में धोखाधड़ी की शिकायत
भारतीय मूल की एक छात्रा ने एच1-बी वीजा प्रणाली में धोखाधड़ी की शिकायत की. कहा कि उसके माता-पिता को अब तक ग्रीन कार्ड नहीं मिले हैं. उपराष्ट्रपति ने ‘टर्निंग पॉइंट यूएसए’ द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि आपको खुद को एक अमेरिकी के रूप में सोचना होगा. यह व्यवस्था तभी काम करती है जब हर कोई खुद को एक अमेरिकी के रूप में सोचे.
उपराष्ट्रपति का उषा वेंस से हुआ है विवाह
वेंस ने कहा कि उनके ससुर भारत से अमेरिका आए, यहीं शिक्षा प्राप्त की और अमेरिकी नागरिक बन गए. मेरे जीवन में उन्होंने कभी भी, एक बार भी मुझसे ये नहीं कहा कि आपको यह करना होगा या आपको यह करना चाहिए, क्योंकि यह उस देश के सर्वोत्तम हित में है जहां से मैं आया हूं. उपराष्ट्रपति का विवाह उषा वेंस से हुआ है. उषा वेंस लक्ष्मी और राधाकृष्ण चिलिकुरी की बेटी हैं जो 1980 के दशक में अमेरिका में आकर बस गए थे.
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