Pakistan-Saudi Arabia : ईरान से युद्ध के बीच पाकिस्तान ने सऊदी अरब में अपनी सेना की टुकड़ी और फाइटर जेट तैनात कर दिए हैं. बताया जा रहा है कि इस्लामाबाद की ओर से ये कदम सऊदी के साथ हुए द्विपक्षीय रक्षा समझौते की वजह से उठाया गया है. इसके साथ ही रियाद से बढ़ती नजदीकियों की वजह से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) कंफर्ट फील नहीं कर रहा है, जिसकी वजह से उसने पाकिस्तान से दिया कर्जा वापस मांग लिया है, लेकिन अरब देश की ओर से उठाए गए इस कदम से शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर के हाथ-पांव फूल गए.
प्राप्त जानकारी के अनुसार सऊदी अरब ने पाकिस्तान को तीन अरब अमेरिकी डॉलर की वित्तीय मदद दी है. बता दें कि संयुक्त अरब अमीरात का कर्जा चुकाने के लिए पाकिस्तान को अब पैसा मिल चुका है. क्योंकि पाकिस्तान का कहना है कि उसे तीन अरब डॉलर की वित्तीय सहायता मिली है, जिसके वजह से उसके विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने और यूएई के लोन का भुगतान करने में मदद मिलेगी.
सीनियर अधिकारियों ने डेलीगेशन की जताई उम्मीद
इसके साथ ही सऊदी की ओर से यह फैसला उस समय लिया गया जब पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ रियाद पहुंचने वाले हैं. बता दें कि उनके साथ डिप्टी पीएम इशाक डार, सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार और पीएम के स्पेशल असिस्टेंट तारिक फातेमी के अलावा और भी सीनियर अधिकारियों का डेलीगेशन होगा और ये भी उम्मीद जताई जा रही है इस दौरे में शहबाज ईरान जंग को खत्म करवाने में सहयोग की मांग करेंगे. क्योंकि सऊदी के साथ अमेरिका के रिश्ते अच्छे हैं. इतना ही नही बल्कि कुछ ऐसी रिपोर्ट भी सामने आयी है जिसमें मोहम्मद बिन सुल्तान ने ट्रंप से कहा था कि ईरान पर हमले जारी रखें.
पाकिस्तान ने सऊदी में भेजी सेना और फाइटर जेट
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शहबाज-मुनीर ने करीब 13 हजार सैनिक और 17 एफ-16 फाइटर जेट सऊदी भेज दिए हैं. इसके साथ ही सऊदी सरकार ने 11 अप्रैल को ऐलान किया कि पाकिस्तानी सैनिक किंग अब्दुलअजीज एयर बेस पर पहुंचे हैं. साथ ही पाकिस्तानी एयर फोर्स के विमान भी आए हैं. इस मामले को लेकर एक पाकिस्तानी अधिकारी का कहना है कि यह दोनों देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाने के लिए किया गया है कि ये दोनों देशों की सेनाएं बेहतर तरीके से साथ काम कर सकें और इलाके में सुरक्षा मजबूत हो. इतना ही नही बल्कि 1991 के गल्फ वॉर में भी पाकिस्तान ने सैनिक भेजे थे.
पाकिस्तान ने सऊदी के साथ किया था समझौता
बता दें कि जब भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था उस समय पाकिस्तान ने सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता किया था. ऐसे तमें इस समझौते में कहा कि अगर किसी एक पर हमला हुआ तो दूसरा भी उसे अपना दुश्मन मानेगा. प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तान ने ऐसे समय पर सेना की दूसरी टुकड़ी भेजी है, जब शिया बहुल देश ईरान लगातार सुन्नी बहुल सऊदी पर मिसाइलें और ड्रोन दाग रहा है.
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