Pakistan: लाहौर किले में आम लोगों के लिए खुला लौह मंदिर, जीर्णोद्धार पूरा करने के बाद किया गया फैसला

Islamabad: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में स्थित लाहौर किले के ऐतिहासिक लौह मंदिर को अब आम जनता के लिए खोल दिया गया है. यह फैसला मंदिर का जीर्णोद्धार पूरा कर करने के बाद किया गया है. यह मंदिर भगवान राम के पुत्र लव को समर्पित है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार शहर लाहौर का नाम भी लव से ही पड़ा है. मामले में वाल्ड सिटी लाहौर अथॉरिटी (डब्ल्यूसीएलए) ने बताया कि उन्होंने लौह मंदिर के साथ-साथ सिख युग के हम्माम और महाराजा रणजीत सिंह का अठदारा पैविलियन का भी संरक्षण किया है.

धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने में मिलेगी मदद

इस पहल से लाहौर किले की धार्मिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने और लोगों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी. इस परियोजना में अगा खान कल्चरल सर्विस पाकिस्तान के सहयोग से काम किया गया. लौह मंदिर में एक खुला आकाश वाला क्षेत्र और स्मारक स्थल शामिल है. मामले में डब्ल्यूसीएलए की प्रवक्ता तानिया कुरेशी ने कहा कि यह पुनःस्थापना पहल लाहौर किले की सांस्कृतिक विरासत को उजागर करने के लिए की गई है,

अब अस्तित्व में नहीं हैं 30 स्मारक

जिसमें सिख और हिंदू मंदिर, मुगल मस्जिदें और ब्रिटिश कालीन संरचनाएं शामिल हैं. उन्होंने बताया कि संरक्षण प्रक्रिया में कई आधुनिक तकनीकें अपनाई गईं. पिछले साल एक सिख शोधकर्ता ने लाहौर किले में सिख काल (1799-1849) के दौरान बनाए गए लगभग 100 स्मारकों की पहचान की थी. इनमें से लगभग 30 स्मारक अब अस्तित्व में नहीं हैं.

लाहौर किला सिख इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण

लाहौर किले और इसके ऐतिहासिक महत्व को बेहतर समझाने के लिए डब्ल्यूसीएलए ने डॉ. तरुनजीत सिंह बुतालिया जो अमेरिका में आधारित सिख शोधकर्ता हैं, को एक टूर गाइडबुक लिखने के लिए नियुक्त किया. डॉ. बुतालिया ने कहा कि लाहौर किला सिख इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण है. यह करीब आधी सदी तक सिख साम्राज्य की सत्ता का केंद्र रहा. मेरे लिए यह किला खास है क्योंकि मेरे पूर्वज सिख दरबार में उच्च पदों पर थे, जैसा कि उमदत-उत-तवारीख नामक फारसी अभिलेख में दर्ज है.

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