Lebanon: लेबनानी सेना ने दक्षिणी लेबनान में पूरी तरह अपनी तैनाती और गैर-राज्य सशस्त्र समूहों को निरस्त्र कर दिया है. इसके साथ ही लेबनानी सेना ने गुरुवार को योजना का पहला चरण सफलतापूर्वक कर लेने की घोषणा की है. पहले चरण के लक्ष्य जमीन पर प्रभावी ढंग से हासिल किए गए हैं. सेना ने यह भी कहा कि बिना फटे गोला-बारूद और सुरंगों को हटाने का काम जारी है ताकि सशस्त्र समूह दोबारा अपनी सैन्य क्षमता न बना सकें. यह कार्रवाई विशेष रूप से हिज़्बुल्लाह जैसे संगठनों को निशाना बनाकर की जा रही है.
निरस्त्रीकरण पर चर्चा नहीं करेगा हिज़्बुल्लाह!
हालांकि सेना के बयान में किसी समूह का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया. उधर, हिज़्बुल्लाह ने चेतावनी दी है कि जब तक इज़राइल हमले बंद कर अपनी सेनाएं नहीं हटाता तब तक वह देश के अन्य हिस्सों में निरस्त्रीकरण पर चर्चा नहीं करेगा. बता दें कि हिज़्बुल्लाह को निरस्त्र करने की यह कोशिश अमेरिका की मध्यस्थता से हुए युद्धविराम के बाद सामने आई है, जिसने 2024 में इजराइल और हिज़्बुल्लाह के बीच हुए विनाशकारी युद्ध को समाप्त किया था.
आगे की रणनीति पर चर्चा करने वाले हैं राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री
इसी पृष्ठभूमि में राष्ट्रपति जोसेफ औन, प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और उनकी सरकार के साथ बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा करने वाले हैं. दोनों नेताओं ने अपने कार्यकाल की शुरुआत में ही गैर-राज्य हथियारों को हटाने को प्राथमिकता बताया था. लेबनानी सरकार ने 2025 के अंत तक लितानी नदी के दक्षिण के पूरे क्षेत्र को गैर-राज्य हथियारों से मुक्त करने की समयसीमा तय की है. सेना सितंबर से सुरंगों, रॉकेट लॉन्चिंग ठिकानों और अन्य सैन्य ढांचों को नष्ट कर रही है.
अवाली नदियों के बीच के इलाकों में लागू होगा अगला चरण
सेना के बयान में कहा गया, हथियारों को सीमित करने की हमारी योजना अब उन्नत चरण में प्रवेश कर चुकी है. अधिकारियों के अनुसार अगला चरण लितानी और अवाली नदियों के बीच के इलाकों में लागू होगा, जिसमें लेबनान का प्रमुख बंदरगाह शहर सैदोन भी शामिल है. हालांकि इसकी समयसीमा अभी तय नहीं की गई है. इस बीच इज़राइल लगभग रोज़ लेबनान पर हमले कर रहा है और सीमा के पास पांच रणनीतिक पहाड़ियों पर अब भी उसका कब्जा है.
अपनी सैन्य ताकत दोबारा खड़ी करने की कोशिश कर रहा हिज़्बुल्लाह
इज़राइल का आरोप है कि हिज़्बुल्लाह अपनी सैन्य ताकत दोबारा खड़ी करने की कोशिश कर रहा है जबकि लेबनान का कहना है कि इज़राइली हमले और कब्जा निरस्त्रीकरण प्रयासों में बड़ी बाधा हैं. लेबनान को उम्मीद है कि हिज़्बुल्लाह और अन्य समूहों को निरस्त्र करने से 2024 के युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सहायता मिलने का रास्ता खुलेगा. हालांकि हिज़्बुल्लाह का कहना है कि वह दक्षिण में सेना के साथ सहयोग कर रहा है लेकिन जब तक इज़राइल हमले बंद कर अपनी सेनाएं नहीं हटाता, तब तक वह देश के अन्य हिस्सों में निरस्त्रीकरण पर चर्चा नहीं करेगा.
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