London: भारत आशावादी जेन-जी पीढ़ी की सूची में 15वें स्थान पर है. जबकि, पाकिस्तान इस सूची में 14वें स्थान पर रहा. किस देश के जेन-जी सबसे आशावादी हैं और कहां सबसे कम, इस पर एक नया अध्ययन आया है. यह अध्ययन ऑक्सफोर्ड स्कूलास्टिका अकादमी के शोधकर्ताओं ने 100 देशों के 1433 युवाओं पर किया है. इन सब से पूछा गया कि वे भविष्य को लेकर कितने आशान्वित हैं? उन्हें एक से पांच के बीच अंक देने थे.
श्रीलंका के युवा सबसे आशावादी
संस्थान की सह निदेशक लविनिया अबेल ने श्रीलंका के युवा भविष्य को लेकर सबसे आशावादी बताया हैं. सर्वे में पाया गया कि भविष्य को लेकर कुवैत की जेड जेनरेशन सबसे ज्यादा निराश है. उसके बाद निराश युवाओं वाले देशों की सूची में रवांडा, तुर्की, फ्रांस, पोलैंड, इटली, चीन भी शामिल हैं. अध्ययन में पाया गया है कि श्रीलंका के युवा सबसे आशावादी हैं. उसने औसत 4.32 अंक हासिल किए.
केन्या दूसरे स्थान पर
4.31 अंक के साथ केन्या दूसरे स्थान पर और 4.24 अंक के साथ तीसरे स्थान पर रहा. आशावादी देशों में श्रीलंका, केन्या, नेपाल, कजाकिस्तान, साइप्रस, कनाडा, नाइजीरिया, इंडोनेशिया, रूस और अर्मेनिया शमिल है. जबकि निराशावादी में कुवैत, रवांडा, तुर्की, फ्रांस, पोलैंड, इटली, चीन, ताइवान, इंग्लैंड और घाना का नाम आया है. इससे पहले भी एक सर्वे आया था, जिसके मुताबिक जनरेशर्न Z यानी 1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा ऐसे शहरों को पसंद करते हैं, जहां उन्हें सस्ती लाइफस्टाइल, नाइटलाइफ, कल्चर और क्वालिटी ऑफ लाइफ का बेहतरीन संतुलन मिल सके.
कौन-से शहर सबसे ज्यादा खुश
टाइम आउट के 2025 सर्वे के अनुसार दुनिया भर के 18,500 युवाओं ने बताया कि कौन-से शहर उन्हें सबसे ज्यादा खुश और घर जैसा एहसास कराते हैं. नतीजा हैरान करने वाला रहा, क्योंकि इसमें भारत का कोई भी शहर टॉप 10 में जगह नहीं बना पाया.
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