Middle East Conflict: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच लगातार 15 दिनों से तनाव बना हुआ है. दोनों पक्षों की ओर से लगातार बमबारी की जा रही है. ऐसे में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि ईरान के तेल और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर किसी भी हमले से अमेरिकी कंपनियों से जुड़ी स्थानीय ठिकानों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई होगी.
दरअसल, एक इंटरव्यू के दौरान अराघची ने ईरान के दक्षिणी रणनीतिक तेल टर्मिनल, खारग द्वीप पर हुए अमेरिकी हमले और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस धमकी पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजरानी बाधित होती है तो वे द्वीप के तेल बुनियादी ढांचे को निशाना बनाएंगे.
अमेरिका के किसी भी ऊर्जा संयत्र पर ईरान करेगा हमला
ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि हमारी सशस्त्र सेनाएं पहले ही कह चुकी हैं कि यदि हमारे तेल और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला होता है तो वे जवाबी कार्रवाई करेंगी. वे क्षेत्र में किसी भी ऊर्जा संयंत्र पर हमला करेंगी जो किसी अमेरिकी कंपनी के स्वामित्व में है या आंशिक रूप से उसके स्वामित्व में है.
उन्होंने यह भी दावा किया कि शुक्रवार को हुए अमेरिकी हमले संयुक्त अरब अमीरात के दो स्थानों से किए गए थे. उन्होंने चेतावनी दी कि ईरान पर हमले के लिए घनी आबादी वाले क्षेत्रों का उपयोग करना बेहद खतरनाक है. उन्होंने आगे कहा कि हम निश्चित रूप से जवाबी कार्रवाई करेंगे, लेकिन हम आबादी वाले क्षेत्रों को निशाना बनाने से बचने की कोशिश करते हैं.
राख के ढेर में बदल दिऐ जाएंगे अमेरिकी ढ़ाचे
इस चेतावनी को दोहराते हुए, ईरान के प्रमुख सैन्य कमान, खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय ने कहा कि ईरान के तेल, आर्थिक या ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर किसी भी हमले का जवाब अमेरिकी कंपनियों से जुड़े क्षेत्रीय ठिकानों पर तत्काल हमले के रूप में दिया जाएगा. प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फागरी ने बताया कि अमेरिकी हितों से जुड़े सभी तेल, आर्थिक और ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया जाएगा और राख के ढेर में बदल दिया जाएगा.
होर्मुज जलडमरूमध्य जहाजों के लिए खुला
अराघची ने कहा कि ईरान के दुश्मनों और उनके सहयोगियों के जहाजों को छोड़कर, होर्मुज जलडमरूमध्य जहाजों के लिए खुला है. हालांकि कुछ जहाज सुरक्षा चिंताओं के कारण जलमार्ग से बच रहे हैं, लेकिन कई टैंकर अभी भी वहां से गुजर रहे हैं.
हमले के बावजूद, खारग द्वीप से तेल निर्यात निर्बाध रूप से जारी है. बुशहर प्रांत के उप राज्यपाल एहसान जहानियन ने अर्ध-सरकारी तसनीम समाचार एजेंसी को बताया कि खारग पर सैन्य सुविधाओं और हवाई अड्डे को नुकसान पहुंचा है, लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है और कमर्शियल परिचालन जारी है.
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