‘ईरान के खिलाफ युद्ध समाप्त हो चुका है’, राष्ट्रपति Trump ने सासंदों को लिखी चिट्ठी

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

US Iran War: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सांसदों को बताया कि ईरान के खिलाफ युद्ध “समाप्त” हो चुका है, इसलिए संसद से सैन्य कार्रवाई के लिए मंजूरी लेने की तय समय सीमा उन पर लागू नहीं होती. व्हाइट हाउस ने इस बारे में अमेरिकी संसद को एक चिट्ठी भेजी है.

शत्रुता अब समाप्त हो चुकी है US Iran War

पोलिटिको के अनुसार ट्रंप ने कांग्रेस नेताओं को लिखे एक पत्र में कहा, “7 अप्रैल 2026 के बाद से अमेरिका और ईरान के बीच कोई गोलीबारी नहीं हुई है.” उन्होंने कहा, “28 फरवरी 2026 से शुरू हुई शत्रुता अब समाप्त हो चुकी है.” सिन्हुआ न्यूज एजेंसी ने रिपोर्ट के हवाले से कहा कि यह कदम इस बहस को शांत करने की कोशिश है कि क्या इस सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी जरूरी थी.

28 फरवरी को शुरू किए थे सैन्य अभियान

1973 में लागू वॉर पावर रेजोल्यूशन के तहत, राष्ट्रपति को सैन्य बल के उपयोग की सूचना कांग्रेस को देने के बाद 60 दिनों के भीतर कार्रवाई समाप्त करनी होती है. कांग्रेस की मंजूरी के बिना वे सैन्य कार्रवाई जारी नहीं रख सकते हैं. अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान शुरू किए थे. ट्रंप प्रशासन ने 2 मार्च को कांग्रेस को इसकी औपचारिक जानकारी दी थी, जिसके अनुसार 60 दिन की समयसीमा 1 मई को समाप्त होनी थी.

ईरान के साथ वार्ता अभी भी अनिश्चित

वहीं, ट्रंप ने शुक्रवार को ये भी कहा कि ईरान के साथ वार्ता अभी भी अनिश्चित है और वे मौजूदा प्रस्तावों से “संतुष्ट नहीं” हैं, हालांकि उन्होंने कूटनीति और सैन्य कार्रवाई—दोनों विकल्प खुले रखे हैं. उन्होंने कहा, “वे समझौता करना चाहते हैं, लेकिन मैं इससे संतुष्ट नहीं हूं, इसलिए देखते हैं क्या होता है.” ट्रंप ने ईरान के नेतृत्व को बिखरा हुआ और असहमति से भरा बताया. उन्होंने कहा, “वे सभी समझौता करना चाहते हैं, लेकिन वे पूरी तरह उलझे हुए हैं,” और नेतृत्व को “काफी असंगठित” बताया.

यह भी स्पष्ट नहीं है कि असली नेता कौन है

उन्होंने यह भी कहा कि आंतरिक मतभेद तेहरान की बातचीत की स्थिति को कमजोर कर रहे हैं. उनके अनुसार, नेता आपस में सहमत नहीं हैं और यह भी स्पष्ट नहीं है कि असली नेता कौन है, जिससे बातचीत जटिल हो रही है. ट्रंप ने दावा किया कि हालिया संघर्ष के बाद ईरान की सैन्य क्षमता काफी कमजोर हो गई है. उनके अनुसार, देश के पास “कोई नौसेना नहीं”, “कोई वायु सेना नहीं” है और उसकी रक्षा क्षमता सीमित रह गई है.

वे कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं

तेज बयानबाजी के बावजूद, ट्रंप ने कहा कि वे कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं. उन्होंने कहा, “क्या हम जाकर उसे पूरी तरह तबाह कर दें, या समझौता करने की कोशिश करें? मैं मानवीय आधार पर ऐसा नहीं करना चाहूंगा.” हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अगर बातचीत विफल होती है तो सैन्य कार्रवाई भी एक विकल्प बना रहेगा. उन्होंने कहा, “ये ही विकल्प हैं.”

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