Mojtaba Khamenei: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने दावा किया है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई से संपर्क करना बहुत मुश्किल हो गया है. दरअसल, 5 महीने से चल रही अमेरिका और इजरायल के हमले में 56 वर्षीय मुजतबा खामेनेई घायल हो गए थे. मुजतबा ने अमेरिका की ओर से किए गए पहले ही हमले में अपने पिता और पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद यह पद संभाला था.
ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन बोले
ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि भले ही मुजतबा खामेनेई लंबे समय से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं, लेकिन ईरान की जवाबी कार्रवाई में अहम भूमिका रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेजेशकियन ने कहा कि “फिलहाल उनसे संपर्क करना बहुत मुश्किल है, लेकिन किसी भी हाल में उनकी मौजूदगी हमारे लिए बहुत बड़ी ताकत है, जिससे हम आगे बढ़ सकते हैं.”
बता दें कि मुजतबा खामेनेई ने अबतक कुछ लिखित बयानों के जरिए अपनी बात रखी है. लेकिन अमेरिका के साथ तनाव के बीच उनका सार्वजनिक रूप से किसी बयान का सामने न आना कई तरह की अटकलों को जन्म दे रहा है. इसके अलावा, वो पिछले महीने अपने पिता के अंतिम संस्कार में भी दिखाई नहीं दिए थे. हालांकि, पेजेशकियन ने उनका बचाव करते हुए कहा कि उनकी मुजतबा खामेनेई के साथ कई अच्छी और सकारात्मक बैठकें हुई हैं.
उन्होंने कहा कि खामेनेई ने हमेशा उनके साथ दयालुता और बेहद तार्किक सोच के साथ व्यवहार किया है. पेजेशकियन ने कहा कि “दुर्भाग्य से मौजूदा हालात कुछ गलत इरादे वाले लोगों को उनके बारे में अलग तरह की तस्वीर पेश करने का मौका दे रहे हैं.”
ईरानी हुकूमत में मतभेद की खबरें
पेजेशकियन का यह बयान उन खबरों के बीच आया है, जिनमें दावा किया जा रहा है कि मुजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति को अंतिम चेतावनी दी है और बातचीत तथा जंग से जुड़े अहम फैसलों पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर अहमद वहीदी को सपोर्ट किया है. इजरायली मीडिया के अनुसार, मुजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेशकियन की सबसे बड़ी राजनीतिक ताकत को लगभग खत्म कर दिया है. उन्होंने राष्ट्रपति को दोबारा इस्तीफा देने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की.