Middle East situation: ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल मुख्यालय के प्रमुख कमांडर अली अब्दोल्लाही ने अमेरिका और इज़रायल काे चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका या इज़रायल ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमला करते हैं, तो उसके जवाब में पश्चिम एशिया में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़रायली बुनियादी ढांचे पर “विनाशकारी और लगातार” हमले किए जाएंगे.
अब्दोल्लाही ने यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान से होर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने के लिए दी गई 10 दिन की समय-सीमा सोमवार को समाप्त होने वाली है. अब्दोल्लाही ने कहा कि “लगातार हार स्वीकार करने के बाद अमेरिका के आक्रामक और युद्धोन्मादी राष्ट्रपति ने एक हताश, घबराया हुआ, असंतुलित और मूर्खतापूर्ण कदम उठाते हुए ईरान के बुनियादी ढांचे व राष्ट्रीय संपत्तियों को निशाना बनाने की धमकी दी है.”
हमलावरों को दिखा देंगे उनकी जगह
उन्होंने कहा कि ईरानी सशस्त्र बल देश के अधिकारों की रक्षा करने और राष्ट्रीय संपत्तियों की सुरक्षा के लिए “एक पल भी” हिचकिचाएंगे नहीं और “हमलावरों को उनकी जगह दिखा देंगे.” सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में ट्रंप ने लिखा कि “याद रखें जब मैंने ईरान को समझौता करने या होर्मुज़ जलडमरूमध्य खोलने के लिए दस दिन दिए थे,” और जोड़ा, “समय खत्म हो रहा है और 48 घंटे बचे हैं, उसके बाद उन पर कहर टूट पड़ेगा.”
बिजली संयंत्रों को कर देंगे “नष्ट और तबाह”
21 मार्च को ट्रंप ने चेतावनी दी थी कि यदि ईरान ने 48 घंटे के भीतर होर्मुज़ जलडमरूमध्य को पूरी तरह नहीं खोला, तो वह उसके बिजली संयंत्रों को “नष्ट और तबाह” कर देंगे. हालांकि, दो दिन बाद तेहरान के साथ “सकारात्मक बातचीत” के बाद उन्होंने हमलों को पांच दिनों के लिए टाल दिया. बाद में उन्होंने समय-सीमा फिर बढ़ा दी. इस बीच, ईरान की आईआरजीसी नौसेना ने कहा कि उसने ड्रोन से एक इज़रायल से जुड़े जहाज को निशाना बनाया, जिससे उसमें आग लग गई.
इज़रायली स्वामित्व वाले वाणिज्यिक जहाज को बनाया निशाना
अपने आधिकारिक समाचार आउटलेट ‘सेपाह न्यूज़’ में जारी बयान में आईआरजीसी ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि उसके बलों ने बहरीन के एक बंदरगाह में एक इज़रायली स्वामित्व वाले वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया.अर्ध-आधिकारिक तस्नीम समाचार एजेंसी ने बताया कि ईरान ने आवश्यक और मानवीय सामान ले जाने वाले जहाजों को अपने बंदरगाहों के लिए होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी है. ये घटनाक्रम 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इज़रायल के संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में बढ़े तनाव के बीच सामने आए हैं, जिनके जवाब में ईरान और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों ने मध्य पूर्व में इज़रायल और अमेरिकी हितों पर हमले किए हैं.