Middle East War: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने फोन पर बातचीत की. इस दौरान दोनों नेताओं के बीच ब्रिक्स से संबंधित मुद्दों पर चर्चा हुई. इसकी जानकारी एस जयशंकर ने सोशल मीडिया के जरिए दी है.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लटफॉर्म एक्स पर लिखा कि “कल रात ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ एक और बातचीत हुई. द्विपक्षीय मामलों के साथ-साथ ब्रिक्स से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई.”
ईरान के खिलाफ सैन्य हमले की निंदा करने पर दिया जोर
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी के रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने अपने भारतीय समकक्ष जयशंकर से फोन पर चल रहे युद्ध और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर बात की है. एजेंसी के अनुसार, अराघची ने इस बात पर जोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय फोरम और संगठन ईरान के खिलाफ सैन्य हमले की निंदा करें.
ब्रिक्स की भूमिका और स्थिति पर भी दिया जोर
उन्होंने बहुपक्षीय सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए एक फोरम के तौर पर ब्रिक्स की भूमिका और स्थिति के महत्व का जिक्र करते हुए, इस संस्था के लिए मौजूदा समय में क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता और सुरक्षा के समर्थन में एक रचनात्मक भूमिका निभाने पर जोर दिया.
वहीं भारत के विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय फोरम में द्विपक्षीय और बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने के लिए अपने देश की तैयारी जाहिर की और इस इलाके में एक साथ जरूरत के तौर पर लंबे समय तक चलने वाली स्थिरता और सुरक्षा को मजबूत करने का तरीका खोजने के महत्व पर जोर दिया.
भारत ईरान दोनों है ब्रिक्स के सदस्य देश
बता दें, ईरान और भारत दोनों ही ब्रिक्स के सदस्य हैं और यह क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को सपोर्ट करने में मदद करता है. आईआरएनए ने कहा कि भारत के विदेश मंत्री जयशंकर ने उम्मीद जताई कि दोनों देश आपसी संबंधों को और बढ़ा सकते हैं.
जानकारी लीक करने के आरोप में चार लोग गिरफ्तार
ईरानी मिडिया के मुताबिक, आईआरजीसी के पुलिस कमांड (फराज) ने ब्रिटेन के फारसी भाषा के चैनल ईरान इंटरनेशनल को संवेदनशील जानकारी देने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है. तस्नीम ने चैनल को दुश्मनी फैलाने वाला, ईरान विरोधी नेटवर्क बताया है. इसमें कहा गया है कि गिरफ्तार किए गए लोगों ने “मिसाइल के असर और बमबारी की जगहों के बारे में अपने फोन में गोपनीय जानकारी रखी थी और उसे इस नेटवर्क को भेजा था.”
रोजी रोटी पर भी पड़ सकता है असर
आईआरएनए ने ईरान की रेड क्रिसेंट सोसायटी के प्रमुख के हवाले से बताया है कि अलग-अलग क्षेत्र में 24,531 सिविलियन यूनिट्स को नुकसान हुआ है, जिनमें से 19,775 यूनिट्स आवासीय हैं. इसके अलावा, 4,511 बिजनेस यूनिट्स को भी नुकसान हुआ है, जिससे वहां रहने वालों के लिए आर्थिक और रोजी-रोटी पर बड़ा असर पड़ सकता है.
वहीं हमले में 69 स्कूलों को नुकसान हुआ और 195 टीचर और स्टूडेंट घायल हुए हैं. 16 रेड क्रिसेंट सेंटर्स को नुकसान पहुंचा और 21 बचाव और राहत गाड़ियां और 19 एम्बुलेंस भी क्षतिग्रस्त हुई हैं.
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