MP LPG Gas Crisis: इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब भारत में एलपीजी गैस की सप्लाई पर भी दिखाई देने लगा है. ईंधन आयात में आई रुकावट को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार अलर्ट मोड में आ गई है. गुरुवार को प्रदेश के मुख्य सचिव ने सभी जिलों के कलेक्टरों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की. बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए कि फिलहाल घरेलू गैस उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि आम लोगों की रसोई प्रभावित न हो.
होटल और उद्योगों में गैस सप्लाई पर रोक
बैठक के बाद भोपाल कलेक्टर ने आदेश जारी करते हुए होटल, रेस्तरां, मॉल और कई औद्योगिक इकाइयों को कमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई रोकने का फैसला लिया है. प्रशासन का कहना है कि यह कदम अस्थायी है और स्थिति सामान्य होने तक लागू रहेगा. हालांकि अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है, ताकि स्वास्थ्य सेवाओं और पढ़ाई पर असर न पड़े.
कालाबाजारी रोकने के सख्त निर्देश
सरकार ने गैस की संभावित कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन को कड़ी निगरानी के निर्देश दिए हैं. एसडीएम, पुलिस और खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी गैस एजेंसियों और गोदामों की जांच करेंगे. अगर कोई व्यक्ति गैस सिलेंडर की जमाखोरी या अवैध रिफिलिंग करते पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
गैस कंपनियों ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर
गैस उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कंपनियों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं.
- भारत गैस: 1800-22-4344
- इंडेन गैस: 1800-2333-555
- एचपी गैस: 1800-2333-555
मुख्यमंत्री ने जनता को दिया भरोसा
गैस संकट की खबरों के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोगों से घबराने की जरूरत नहीं बताई है. उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर घरेलू गैस की सप्लाई सुनिश्चित करने और कालाबाजारी रोकने के लिए कदम उठा रही हैं. उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई सामान्य बनी हुई है.
पैनिक बुकिंग से बचने की अपील
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा स्थिति अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईंधन सप्लाई में आई बाधा के कारण बनी है. ऐसे में लोगों को जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर बुक करने से बचना चाहिए. सरकार का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जा रहे हैं.
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