Middle East War: कौन है मिडिल ईस्ट का साइलेंट जोन? जहां जंग बेअसर, भारतीयों की सबसे ज्यादा मौजूदगी

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Middle East War: मिडिल ईस्ट में बढ़ते ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ओमान एक ऐसा देश बनकर उभरा है, जो इस संघर्ष से सबसे कम प्रभावित रहा है. शुरुआती दौर में ईरान ने ओमान में कुछ ड्रोन और छोटी मिसाइलें गिराईं, लेकिन बाद में उसने दूरी बना ली. इसकी बड़ी वजह ओमान की तटस्थ नीति है.

ओमान लंबे समय से संतुलित कूटनीति अपनाता रहा है. उसके ईरान के साथ अच्छे संबंध हैं, वहीं अमेरिका और पश्चिमी देशों से भी उसके रिश्ते मजबूत हैं. यही संतुलन उसे सीधे संघर्ष से दूर रखता है.

क्यों नहीं बनता हमले का निशाना

ओमान में अमेरिका का कोई बड़ा स्थायी सैन्य बेस नहीं है, जिससे यह देश सीधे हमलों की जद में नहीं आता. पिछले कई बड़े संघर्षों जैसे 1990-91 का गल्फ वॉर, इराक-कुवैत युद्ध, यमन संकट और हालिया तनाव में भी ओमान पर कोई सीधा असर नहीं पड़ा. यही वजह है कि ओमान को खाड़ी के सबसे सुरक्षित और स्थिर देशों में गिना जाता है.

होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने का कम असर

जहां स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से सऊदी अरब, यूएई, कुवैत, बहरीन और कतर जैसे देशों को बड़ा नुकसान हुआ, वहीं ओमान पर इसका असर अपेक्षाकृत कम पड़ा. इसका कारण इसके रणनीतिक बंदरगाह हैं. सोहार, सलालाह और दुकुम जैसे प्रमुख पोर्ट इस जलमार्ग के बाहर स्थित हैं, जिससे यहां जहाजों की आवाजाही सीधे खुले समुद्र से हो सकती है. इसी वजह से अब कई देशों का सामान पहले ओमान पहुंचता है और वहां से आगे भेजा जाता है, जिससे इसकी व्यापारिक अहमियत भी बढ़ी है.

भारतीयों की बड़ी आबादी

ओमान की कुल आबादी करीब 55 लाख है, जिसमें लगभग 43 प्रतिशत विदेशी नागरिक हैं. इनमें भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है, जो करीब 7 से 8 लाख के बीच मानी जाती है. भारतीय यहां इंजीनियरिंग, आईटी, हेल्थकेयर, कंस्ट्रक्शन और सर्विस सेक्टर में अहम भूमिका निभाते हैं. बड़ी संख्या में भारतीय प्रोफेशनल और तकनीकी कार्यों में लगे हुए हैं.

खाद्य और अर्थव्यवस्था की स्थिति

ओमान का अधिकांश हिस्सा रेगिस्तानी है, इसलिए यह देश खाद्य आपूर्ति के लिए दूसरे देशों पर निर्भर रहता है. हालांकि अब इसकी खाद्य सुरक्षा 65 से 66 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, फिर भी अनाज, फल और सब्जियां बाहर से आयात की जाती हैं. भारत भी यहां बड़े स्तर पर खाद्य सामग्री भेजता है.

तेल-गैस पर आधारित अर्थव्यवस्था

ओमान की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से तेल और गैस पर आधारित है, लेकिन सरकार Vision 2040 के तहत अन्य क्षेत्रों में भी निवेश बढ़ा रही है. यहां की जीवनशैली सुरक्षित और आरामदायक मानी जाती है. अपराध दर कम है, हेल्थकेयर और शिक्षा बेहतर है और विदेशियों के लिए माहौल अनुकूल है. इसके अलावा यहां सैलरी पर टैक्स नहीं लगता और रहने का खर्च अमेरिका के मुकाबले काफी कम है.

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