ईरान में जमीनी ऑपरेशन की तैयारी में अमेरिका, खर्ग पर कब्जे को लेकर किया बड़ा खुलासा

Must Read

Military operation : काफी लंबे समय से मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का आज 31वां दिन है. बता दें कि ईरान के साथ छिड़ी जंग के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा ऐलान किया है. मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने बताया कि US ‘ईरान से तेल ले सकता है’ और वह ‘स्ट्रेटेजिक खार्ग आइलैंड पर कब्ज़ा करने पर विचार कर रहा है.’ इसके साथ ही ट्रंप ने पाकिस्तान के जरिए ईरान के साथ इनडायरेक्ट बातचीत में प्रोग्रेस का दावा किया और ये भी कहा कि दोनों देशों कके बीच डील जल्दी हो सकती है.’

इसके साथ ही ट्रंप ने कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता ईरान के तेल पर कब्जा करना है. इतना ही नही बल्कि उन्होंने अपने इस संभावित कदम की तुलना वेनेजुएला से की, जहां अमेरिका ने जनवरी में निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद तेल पर कंट्रोल हासिल किया था.

ट्रंप का बयान

जानकारी के मुताबिक, ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग को करीब एक महीना पूरा होने को आया है. साथ ही दोनों देशों के बीच युद्ध के चलते तेल की कीमतों में 50 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है. बता दें कि एशिया में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी है.

ईरान के तेल पर कब्जा करना ट्रंप का सपना

इस मामले को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का कहना है कि सच कहूं तो मेरी पसंदीदा चीज ईरान के तेल पर कब्जा करना है, लेकिन अमेरिका में कुछ ‘मूर्ख लोग’ कहते हैं कि आप ऐसा क्यों कर रहे हैं?’ वह मूर्ख लोग हैं.’ क्‍योंकि उनका मानना है कि ईरान के तेल के साथ खर्ग द्वीप पर कब्जा करना भी योजनाओं में शामिल है, जिसकी वजह से ईरान का ज्यादातर तेल निर्यात होता है.

खर्ग द्वीप पर कब्जे को लेकर ट्रंप का बयान

मीडया से बातचीत करते हुए ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि ‘हो सकता है हम खर्ग द्वीप पर कब्जा कर लें, लेकिन यह भी हो सकता है न करें. हमारे पास कई विकल्प हैं.’ साथ ही उन्‍होंने ये भी कहा कि ‘इसका मतलब यह भी होगा कि हमें कुछ समय के लिए खर्ग द्वीप पर रहना होगा.’

ट्रंप ने सैनिकों की तैनाती का दिया आदेश

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैनिकों की तैनाती बढ़ाने का फैसला किया है. इसके साथ ही जमीनी कार्रवाई के लिए पेंटागन ने 10 हजार सैनिकों की तैनाती का आदेश दिया है और करीब 35 सैनिकों को इस इलाके में भेजा जा चुका है. जिनमें लगभग 2200 मरीन शामिल हैं. 2,200 और मरीन रास्ते में हैं, जबकि 82वीं एयरबोर्न डिवीजन के हजारों सैनिकों को भी इस क्षेत्र में भेजा गया है.

इसे भी पढ़ें :- भारत का समंदर में नया खेल, होर्मुज के पार भेजेगा अपने खाली टैंकर, लद के आएगी LPG गैस 

Latest News

समन्वय बैठक में भारत ने भूटान को सौंपे 290 करोड़, 13वीं पंचवर्षीय योजना की परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

New Delhi: भारत ने 13वीं पंचवर्षीय योजना के तहत चल रही कई विकास परियोजनाओं के लिए अपनी प्रतिबद्धता के...

More Articles Like This