New Delhi: भारत सरकार ने पाकिस्तान की हिरासत से सिविल कैदियों, मछुआरों और उनकी नावों और लापता भारतीय रक्षा कर्मियों की जल्द रिहाई और वापसी की मांग की है. पाकिस्तान से उन 167 भारतीय मछुआरों और सिविल कैदियों की रिहाई और वापसी में भी तेजी लाने की अपील की गई है जिन्होंने अपनी सजा पूरी कर ली है. बता दें कि भारत और पाकिस्तान ने गुरुवार को एक-दूसरे की जेलों में बंद नागरिक कैदियों और मछुआरों की सूची का आदान-प्रदान किया.
राजनयिक माध्यमों से एक साथ आदान-प्रदान
नई दिल्ली और इस्लामाबाद में यह आदान-प्रदान राजनयिक माध्यमों से एक साथ किया गया. विदेश मंत्रालय ने यह जानकारी दी. इसके अलावा पाकिस्तान से कहा गया है कि वह अपनी कस्टडी में बंद 35 सिविल कैदियों और मछुआरों को तुरंत कांसुलर एक्सेस दे जिनके बारे में माना जाता है कि वे भारतीय हैं और जिन्हें अब तक कांसुलर एक्सेस नहीं दिया गया है. भारत ने ये भी कहा कि कैदियों और मछुआरों की रिहाई तक पाकिस्तान को उनकी सुरक्षा, संरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करनी चाहिए.
सिविल कैदियों और मछुआरों की लिस्ट का आदान-प्रदान
विदेश मंत्रालय ने विज्ञप्ति जारी कर बताया कि यह प्रक्रिया साल 2008 के द्विपक्षीय कांसुलर एक्सेस समझौते के तहत होती है. भारत और पाकिस्तान ने आज नई दिल्ली और इस्लामाबाद में एक साथ राजनयिक चैनलों के जरिए एक-दूसरे की हिरासत में बंद सिविल कैदियों और मछुआरों की लिस्ट का आदान-प्रदान किया. इस समझौते के अनुसार हर साल एक जनवरी और एक जुलाई को ऐसी सूचियों का आदान-प्रदान किया जाता है. भारत ने अपनी हिरासत में बंद 391 सिविल कैदियों और 33 मछुआरों की लिस्ट दी जो पाकिस्तानी हैं या जिन्हें पाकिस्तानी माना जाता है.
अब तक 2,661 मछुआरों और 71 सिविल कैदियों की वापसी
इसी तरह पाकिस्तान ने अपनी हिरासत में बंद 58 सिविल कैदियों और 199 मछुआरों की डिटेल्स वाली लिस्ट दी जो भारतीय हैं या जिन्हें भारतीय माना जाता है. जानकारी के लिए बता दें कि भारत सरकार की लगातार कोशिशों की वजह से 2014 से अब तक 2,661 भारतीय मछुआरों और 71 भारतीय सिविल कैदियों को पाकिस्तान से वापस लाया गया है. इसमें 500 भारतीय मछुआरे और 13 भारतीय सिविल कैदी शामिल हैं जिन्हें 2023 से अब तक पाकिस्तान से वापस लाया गया है.
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