Myanmar Drone Attack: म्यांमार के अंदर नागा हथियारबंद समूह NSCN-IM से अलग हुए समूह के हेडक्वॉर्टर पर रविवार सुबह ड्रोन से हमला किया गया. इस हमले में कैंप को भारी नुकसान पहुंचा है साथ ही कुछ लोग घायल भी हुए हैं. यह हमला हंशी के नेतृत्व वाले NSCN-EF गुट के हेडक्वॉर्टर पर किया गया था. बता दें कि यह नागा हथियारबंद समूह है, जो नेशनल सोशिलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड के आईजैक मुइवा गुट (NSCN-IM) से अलग हो गया था.
कैंप पर बरसाए गए 60 बम
NSCN-EF ने आरोप लगाया कि रविवार सुबह 2 बजे से 4 बजे की बीच माउंट होरेब कैंप पर 20 बार ड्रोन हमले किए गए. इस दौरान दावा किया गया कि हमले के दौरान लगभग 60 बम विस्फोट हुए, इनमें से कुछ हवा में और पेड़ों पर फटे, जबकि बाकी सीधे कैंप से टकराए.ड्रोन हमले में कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए, लेकिन किसी की जान नहीं गई, जिसे समूह ने दैवीय हस्तक्षेप का नतीजा बताया है.
हमले में तीन लोग घायल
यह कैंप NSCN-EF का गढ़ कहा जाता है. वहीं जानकारी के अनुसार, इस हमले में तीन लोग घायल हुए हैं. गनीमत रही कि हमले के समय समूह के बड़े नेता हेडक्वॉर्टर में नहीं थे. समूह की अंडरग्राउंड सरकार ने इस हमले की निंदा की और इसके लिए भारत पर आरोप लगाया. समूह का कहना है कि इस हमले का संबंध भारत के प्रॉक्सी युद्ध से हो सकता है.
भारत से हमले का कनेक्शन
दरअसल, NSCN-EF के गढ़ पर यह हमला गुवाहाटी में भारत और म्यांमार के बीच हुई तीसरी रक्षा सहयोग बैठक के 4 दिन बाद हुआ है. 7 अक्टूबर को हुए इस बैठक की सह अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और म्यांमार के सशस्त्र बल प्रशिक्षण प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्याए सोन लिन ने की. बैठक में मौजूदा रक्षा सहयोग पहलों की समीक्षा की गई और आगे के सहयोग और आपसी सुरक्षा पर चर्चा की गई.

