इस्तीफा देंगे या हेलिकॉप्टर से देश छोड़कर भागेंगे, नाहिद इस्लाम ने तारिक रहमान को दी शेख हसीना वाले अंजाम की धमकी

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Nahid Islam Tarique Resigns: बांग्लादेश की संसद में विपक्ष के चीफ व्हिप और नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) के संयोजक नाहिद इस्लाम ने बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान को शेख हसीना वाले अंजाम की धमकी दी है. उन्होंने कहा है कि तारिक रहमान को तय करना है कि वह सम्मान के साथ इस्तीफा देंगे या हेलिकॉप्टर से देश छोड़कर भागेंगे. इस दौरान नाहिद का इशारा 5 अगस्त 2024 की उस घटना की तरफ था, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा था.

देश की राजधानी ढाका के मानिक मिया एवेन्यू पर जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाली विपक्षी गठबंधन के लॉन्ग मार्च की शुरुआती रैली में नाहिद इस्लाम ने कहा कि इरशाद ने काफी सम्मान के साथ इस्तीफा दिया था. इसलिए तारिक रहमान को खुद तय करना होगा कि वे कौन सा रास्ता चुनेंगे. बता दें कि हुसैन मुहम्मद इरशाद बांग्लादेश के आर्मी चीफ रहे थे, जिन्होंने तख्तापलट करके देश सत्ता पर कब्जा कर लिया था. बाद में वो खुद राष्ट्रपति बन गए थे और साल 1983 से 1990 तक इस पद पर रहे थे.

लोकतंत्र को खत्म कर रही BNP

NCP सांसद ने आरोप लगाया कि BNP सरकार मानवाधिकारों का उल्लंघन और लोकतंत्र को कमजोर कर रही है.  पिछले 16 वर्षो में मानवाधिकारों और लोकतंत्र के लिए लड़ाई में BNP हमारे साथ थी. वहीं, अब जब BNP सराकार में है, तो वह लोगों के मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रही है और लोकतंत्र को खत्म कर रही है.

उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने लोकतंत्र को खत्म किया, वे इतिहास के कूड़ेदान में चले गए हैं. इस सरकार की मानवाधिकारों की रक्षा करने की जिम्मेदारी थी, लेकिन ये मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए हर तरह के हालात पैदा कर रही है. इस बीच नाहिद ने यह भी दावा किया कि विपक्ष के ढाका-रंगपुर लॉन्ग मार्च के लिए देश भर से जनता का ऐतिहासिक समर्थन मिल रहा है. साथ ही यह आरोप भी लगाया कि लोगों को मार्च में शामिल होने के लिए BNP के लोग गठबंधन के पोस्टर और बैनर फाड़ रहे हैं.

बता दें कि बांग्लादेश की कट्टर इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन में ढाका से रंगपुर तक लॉन्ग मार्च का ऐलान किया है, जिसके मांगो में जनमत संग्रह से मिले जनादेश को लागू करना, जुलाई में हत्याओं के जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाना और बिजली, तेल, गैस व खाद की कमी को दूर करना आदि शामिल हैं.

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