NASA Astronaut: भारतीय मूल की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अब NASA से सन्यांस ले लिया है. उनका हालिया 10 दिन का स्पेस मिशन इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर साढ़े नौ महीने तक चला था, जो खूब चर्चा में भी बना था. वहीं, अमेरिकी स्पेस एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि वो 27 साल तक NASA में काम करने के बाद वह रिटायर हो गई हैं.
NASA के एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइज़कमैन ने कहा कि “सुनी विलियम्स ह्यूमन स्पेसफ्लाइट में एक पायनियर रही हैं, उन्होंने स्पेस स्टेशन पर अपनी लीडरशिप के ज़रिए एक्सप्लोरेशन के भविष्य को आकार दिया और लो अर्थ ऑर्बिट में कमर्शियल मिशन के लिए रास्ता बनाया.”
चांद और मंगल मिशनों की रखी नींव
उन्होंने आगे कहा कि विज्ञान और टेक्नोलॉजी को आगे बढ़ाने में उनके काम ने चांद पर आर्टेमिस मिशन और मंगल की ओर बढ़ने की नींव रखी है और उनकी असाधारण उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और जो संभव है उसकी सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती रहेंगीय. आपकी इस हकदार रिटायरमेंट पर बधाई और NASA और हमारे देश के लिए आपकी सेवा का धन्यवाद.
सुनिता के अंतरिक्ष में 608 दिन
बता दें कि भारतीय मूल की एस्ट्रोनॉट विलियम्स ने NASA में 1998 में कदम रखा था और उन्होंने अपनी तीन उड़ानों में अंतरिक्ष में 608 दिन बिताए हैं. यह NASA के किसी एस्ट्रोनॉट की ओर से अंतरिक्ष में बिताए गए कुल समय की लिस्ट में दूसरे नंबर है. वह एक अमेरिकी द्वारा सबसे लंबी सिंगल स्पेसफ्लाइट की लिस्ट में छठे नंबर पर हैं, जो NASA के एस्ट्रोनॉट बुच विलमोर के साथ बराबरी पर हैं, दोनों ने NASA के बोइंग स्टारलाइनर और SpaceX क्रू-9 मिशन के दौरान 286 दिन बिताए.
इतना ही नहीं, विलियम्स ने नौ स्पेसवॉक पूरे किए हैं, कुल 62 घंटे और 6 मिनट, जो किसी भी महिला एस्ट्रोनॉट द्वारा सबसे ज़्यादा है और NASA की ऑल-टाइम लिस्ट में चौथे नंबर पर है. वह अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली व्यक्ति भी थीं.
भारत से जुड़ी हैं विलियम्स जड़ें
सुनीता विलियम्स का परिवार मूल भारत से जुड़ा हुआ है. उनके पिता एक न्यूरोएनाटोमिस्ट थे जिनका जन्म गुजरात के मेहसाणा जिले के झुलासन में हुआ था, लेकिन बाद में वे अमेरिका चले गए और उन्होंने बोनी पांड्या से शादी की, जो एक स्लोवेनियाई थीं. सुनिता का जन्म अमेरिका में ही हुआ और वह अमेरिका की नागरिक हैं. वहीं, सुनीता ने भारत में स्पेस सेक्टर को बढ़ावा देने में पीएम नरेंद्र मोदी की नीतियों की सराहना की थी.
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