अंतरिक्ष में मंगल के चांद फोबोस के पीछे छिप गई पृथ्वी, कैमरे में कैद हुआ अद्भुत नजारा

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
NASA Earth Pic: नासा के परसीवरेंस रोवर ने मंगल ग्रह से एक अद्भुत नजारा कैमरे में कैद किया है, जिसमें हमारी पृथ्वी मंगल के चांद फोबोस के पीछे पूरी तरह से गायब होती दिख रही है. यह एक ऐसा नजारा है जिसे हम अपनी पृथ्वी से कभी नहीं देख सकते. परसीवरेंस रोवर ने इस ऐतिहासिक पल को 2 जुलाई 2026 को रिकॉर्ड किया था. यह रोवर के मिशन का 1907वां दिन था.
इस घटना का रहस्य मंगल के चांद फोबोस की कक्षा में छिपा है. फोबोस, मंगल की सतह के बहुत करीब से परिक्रमा करता है. यही वजह है कि वह पृथ्वी को हमारी नजरों से पूरी तरह ब्लॉक कर सकता है. मास्टकैम-जेड कैमरे ने जो तस्वीरें ली हैं उनमें पृथ्वी फ्रेम के ऊपरी बाएं हिस्से से निचले दाएं हिस्से की ओर बढ़ती दिख रही है. उसी समय फोबोस निचले बाएं हिस्से से ऊपरी दाएं हिस्से की तरफ आता है.

जेजेरो क्रेटर के रिम की खोज कर रहा परसीवरेंस रोवर

बता दें कि परसीवरेंस रोवर 2021 में मंगल पर लैंड करने के बाद से ही जेजेरो क्रेटर के रिम की खोज कर रहा है. वहीं से उसने यह नजारा देखा. दोनों ऑब्जेक्ट्स एक दूसरे का रास्ता काटते हैं. यह पूरी घटना केवल 40 सेकंड की है, जिसे 5 फ्रेम में कैद किया गया. तीसरे फ्रेम में दोनों एक दूसरे से मिलते हैं. इसके बाद हमारी पृथ्वी फोबोस के अंधेरे वाले किनारे के पीछे झपकते ही गायब हो जाती है. यह नजारा शाम के लगभग 7 बजे रिकॉर्ड किया गया. उस समय मंगल पर सूर्यास्त हुए करीब 40 मिनट बीत चुके थे. यह अंतरिक्ष की एक ऐसी घटना है जिसे रिकॉर्ड करना आसान नहीं था.

कैसे छोटे से चांद फोबोस ने छिपा ली विशाल पृथ्वी?

  • फोबोस आकार में आलू की तरह ऊबड़-खाबड़ है. इसकी चौड़ाई सिर्फ 27 किलोमीटर यानी 17 मील है. यह किसी भी चांद के हिसाब से बहुत छोटा है. अगर इसकी तुलना हमारे अपने चांद से करें तो वह करीब 3475 किलोमीटर चौड़ा है.
  • हमारा चांद फोबोस से सौ गुना से भी ज्यादा बड़ा है. लेकिन फोबोस की एक खासियत उसे इस घटना का हीरो बनाती है. वह अपने ग्रह मंगल के बेहद करीब है और उसे कसकर पकड़े हुए है.
  • फोबोस मंगल से सिर्फ 7800 किलोमीटर की दूरी पर परिक्रमा करता है. यह दूरी हमारे चांद और पृथ्वी के बीच की दूरी का पचासवां हिस्सा है. इसी नजदीकी के कारण परसीवरेंस की तस्वीरों में यह छोटा चांद इतना बड़ा और प्रभावी दिख रहा है.
  • जब ये तस्वीरें ली गईं तब पृथ्वी मंगल से करीब 314 मिलियन किलोमीटर दूर थी. यह दूरी पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी के दोगुने से भी अधिक है. इतनी ज्यादा दूरी के कारण पूरी पृथ्वी सिर्फ एक पिक्सेल के रूप में चमकती हुई दिख रही थी.
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