New Delhi: ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और प्रिंस हैरी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान की निंदा करते हुए इसे NATO सैनिकों के बलिदान का अपमान बताया है. ट्रंप की नाटो सहयोगियों को लेकर अफगानिस्तान संबंधी टिप्पणी पर ब्रिटेन ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि अमेरिका ने NATO में सबसे ज्यादा योगदान दिया लेकिन बदले में बहुत कम मिला.
सहयोगी देश फ्रंटलाइन से थोड़ा पीछे रहे
उन्होंने अफगानिस्तान में NATO देशों की तैनाती पर टिप्पणी करते हुए कहा कि सहयोगी देश फ्रंटलाइन से थोड़ा पीछे रहे. वहीं व्हाइट हाउस ने स्टारमर की आलोचना को खारिज करते हुए ट्रंप का बचाव किया. व्हाइट हाउस की प्रवक्ता टेलर रोजर्स ने कहा कि NATO में संयुक्त रूप से भी किसी देश ने अमेरिका जितना योगदान नहीं दिया. इस पर PM कीर स्टारमर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो संदेश जारी कर अफगानिस्तान में जान गंवाने वाले 457 ब्रिटिश सैनिकों को श्रद्धांजलि दी.
ट्रंप की टिप्पणी अपमानजनक और बेहद चिंताजनक
उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणी अपमानजनक और बेहद चिंताजनक है. स्टारमर ने उन सैनिकों के साहस और बलिदान को याद किया जो देश के लिए शहीद हुए या जीवनभर की चोटों के साथ लौटे. ब्रिटिश आर्मी में रहते हुए अफगानिस्तान में दो बार तैनात रहे प्रिंस हैरी ने भी कड़ा बयान जारी किया. उन्होंने कहा कि 2001 में NATO का आर्टिकल-5 पहली और अब तक की इकलौती बार लागू हुआ था, जब 9/11 हमलों के बाद सभी सहयोगी देश अमेरिका के साथ खड़े हुए थे.
अफगानिस्तान युद्ध में 3,500 सहयोगी सैनिकों की हुई मौत
हैरी ने कहा कि मैंने वहां सेवा की, दोस्त बनाए और दोस्तों को खोया. हजारों जिंदगियां हमेशा के लिए बदल गईं. इन बलिदानों को सच्चाई और सम्मान के साथ याद किया जाना चाहिए. अफगानिस्तान युद्ध में कुल करीब 3,500 सहयोगी सैनिकों की मौत हुई, जिनमें 2,456 अमेरिकी और 457 ब्रिटिश थे.
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