Nepal: नेपाल में चौथी बार ओली संभालेंगे प्रधानमंत्री पद, राष्ट्रपति पौडेल दिलाएंगे पद और गोपनीयता की शपथ

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Nepal: कम्युनिस्ट पार्टी के नेता केपी शर्मा ओली को चौथी बार नेपाल का प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया. जिसके बाद राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल सोमवार को उन्हें पद की गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे.

राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से जारी की गई नो‍टिस के अनुसार, राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने नेपाल की कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष ओली को नेपाल के संविधान के अनुच्छेद 76-2 के तहत नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया.

शुक्रवार को ‘प्रचंड’ ने दिया था इस्‍तीफा  

आपको बता दें कि ओली संसद में सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस के समर्थन से चौथी बार प्रधानमंत्री बने है. दरअसल, शुक्रवार को पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने प्रतिनिधि सभा में विश्वास मत खो दिया था, जिसके बाद उन्‍होंने प्रधानमंत्री पद से इस्‍तीफा दे दिया था.

30 दिनों के भीतर हासिल करना होगा बहुमत

कम्युनिस्ट पार्टी के नेता केपी शर्मा ओली का शपथ ग्रहण समारोह सोमवार को राष्ट्रपति भवन के मुख्य भवन शीतल निवास में होगा. वहीं, प्रधानमंत्री नियुक्‍त होने के बाद ओली को अब 30 दिनों के भीतर संसद से विश्वास मत हासिल करना होगा. ऐसे में केपी शर्मा ओली को 275 सीटों वाली प्रतिनिधि सभा में कम से कम 138 वोटों के समर्थन की जरूरत होगी.

ये नेता बारी बारी करेंगे सरकार का नेतृत्‍व

दरअसल, बीते हफ्ते की शुरुआत में, नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष देउबा और सीपीएन यूएमएल के अध्यक्ष केपी शर्मा ने पुष्प कमल दहल प्रचंड की जगह नई गठबंधन सरकार बनाने के लिए सात सूत्री समझौते पर हस्ताक्षर किए थे. इस दौरान दोनों नेताओं में इस बात पर सहमति बनी थी कि संसद का शेष कार्यकाल बारी-बारी से उनके बीच साझा किया जाएगा. 1 जुलाई को कांग्रेस प्रमुख देउबा और यूएमएल अध्यक्ष ओली के बीच हुए समझौते के अनुसार, दोनों दल 2027 में होने वाले अगले आम चुनावों तक बारी-बारी से सरकार का नेतृत्व करेंगे.

इसे भी पढ़ें:-Pakistan News: पाकिस्तान में एक और पत्रकार की गोली मारकर हत्या, एक्शन में राज्य के मुख्यमंत्री

 

Latest News

01 April 2026 Ka Panchang: बुधवार का पंचांग, जानिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

01 April 2026 Ka Panchang: हिंदू धर्म में किसी भी कार्य को करने से पहले शुभ और अशुभ मुहूर्त देखा...

More Articles Like This

Exit mobile version