Kathmandu: नेपाल के मधेश प्रांत स्थित रौतहट जिले में दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़पों के बाद प्रशासन ने कर्फ्यू लगा दिया है. जिला मुख्यालय गौर समेत कई इलाकों में शनिवार दोपहर 1 बजे से अगली सूचना तक आवाजाही और सार्वजनिक गतिविधियों पर रोक लगा दी गई है. हालात को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में दंगा नियंत्रण पुलिस बल तैनात किया गया है.
अफवाहों से बचने की अपील
प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है. मुख्य जिला अधिकारी दिनेश सागर भुसाल के अनुसार जिला सुरक्षा समिति के निर्णय के बाद यह कदम उठाया गया. यह घटना गुरुवार शाम गौर नगरपालिका के सपगधा इलाके में हुई. आरोप है कि एक समुदाय के लोगों ने मस्जिद के सामने से गुजर रहे शादी जुलूस में बज रहे संगीत का विरोध किया, जिसके बाद तनाव बढ़ गया.
हिंसा में आठ लोग घायल
शुक्रवार शाम दोनों पक्षों के बीच छह बिंदुओं पर सहमति बनी थी लेकिन शनिवार सुबह फिर पथराव शुरू हो गया. झड़प के दौरान एक वाहन में आग लगा दी गई. इस बारे में द काठमांडू पोस्ट ने भी रिपोर्ट प्रकाशित की है. इस हिंसा में आठ लोग घायल हुए हैं, जिनमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं. हिंसा की शुरुआत रविवार को धनुषा जिले के जनकपुर कस्बे में दो युवकों द्वारा कथित तौर पर टिकटॉक पर एक वीडियो अपलोड करने से हुई.
धार्मिक भावनाएं आहत
स्थानीय लोगों का दावा है कि इससे उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. वीडियो अपलोड करने वाले युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया गया. हालांकि तनाव बढ़ता ही गया और हिंसा भड़क उठी. वार्ड 6 के कमला नगर बाजार में स्थित एक मस्जिद में तोड़फोड़ की गई, जिससे विरोध प्रदर्शन और रैलियां शुरू हो गईं. बीरगंज और आस-पास के इलाकों में सैकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए. सड़कें जाम कर दीं, टायर जलाए और नारे लगाए.
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