Newyork : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से दूसरे देशों पर लगाए गए टैरिफ का विरोध उनके देश में ही शुरू हो गया है. इसके साथ ही अमेरिकी सीनेटर Rand Paul ने ट्रंप की आक्रामक टैरिफ स्ट्रैटेजी के आर्थिक तर्क पर जुबानी हमला किया. वे इस बात से सहमत हुए कि ये पॉलिसी संवैधानिक चिंताएं खड़ी करती है. इस मामले को लेकर केंटकी के रिपब्लिकन नेता Rand Paul का कहना है कि ट्रंप की तरफ से अमेरिका के ट्रेड पार्टनर्स पर लगाए गए बड़े टैरिफ, व्यापार घाटे को लेकर ‘एक आर्थिक भ्रांति’ पर आधारित हैं.
ट्रंप के टैरिफ पर सीनेटर ने जताई कड़ी आपत्ति
मीडिया से बातचीत के दौरान एक इंटरव्यू में Rand Paul ने कांग्रेस की मंजूरी के बिना अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से टैरिफ को लागू करने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई और साथ ही ये भी कहा कि ‘टैरिफ एक प्रकार का टैक्स है. इसके साथ ही आप जब किसी बिजनेस पर टैक्स लगाते हैं, तो वह हमेशा लागत के तौर पर ग्राहक पर ही पड़ता है.’
‘कि यही वास्तविक व्यापार है’
इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि ‘वास्तविक व्यापार वह है जब कोई किसी वस्तु को खरीदता है. उनका कहना है कि यही वास्तविक व्यापार है. परिभाषा के अनुसार, अगर यह स्वैच्छिक है, दोनों के लिए लाभकारी है, तो बिजनेस होता ही नहीं.’
टैरिफ पर बोले Rand Paul
ऐसे में जब Rand Paul से ट्रंप के टैरिफ की वैधता के बारे में पूछा गया, तो पॉल ने स्पष्ट तौर पर एक संवैधानिक प्रावधान का सपोर्ट किया, जिसमें टैक्सेशन पर कांग्रेस की अथॉरिटी का हवाला दिया गया था. उन्होंने ये भी बताया कि इन चीजों की अनुमति पहले कोर्ट ने दी है. ज्यादातर टैरिफ, कांग्रेस की तरफ से पारित किए गए हैं. कभी भी अमेरिकी राष्ट्रपति के आदेश से टैरिफ लागू नहीं हुए हैं, और इसीलिए मैं इसके खिलाफ हूं.
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