पहले ड्रग तस्करी का लगाया आरोप और अब व्हाइट हाउस आने का दिया न्यौता, आखिर क्या‍ है ट्रंप की मंसा

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Donald Trump : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो के रिश्तों में बड़ा मोड़ आया है. बता दें कि कुछ समय पहले जिन्‍हें ट्रंप पेट्रो को सख्त शब्दों में निशाना बना रहे थे, इसके साथ ही दोनों की करीब एक घंटे लंबी बातचीत हुई है और व्हाइट हाउस में मुलाकात की तैयारी भी है. जानकारी के मुताबिक, यह बातचीत ड्रग तस्करी, वेनेजुएला और क्षेत्रीय हालात जैसे संवेदनशील मुद्दों पर हुई.

प्राप्‍त जानकारी के अनुसार कोलंबिया के राष्ट्रपति गुस्तावो पेट्रो ने बोगोटा में एक रैली के दौरान बताया कि उनकी और ट्रंप की फोन पर करीब एक घंटे तक बात हुई. इस मामले को लेकर  पेट्रो ने कहा कि बातचीत के दौरान ट्रंप का लहजा पहले से काफी नरम था.

वॉशिंगटन में हो सकती है मुलाकात

इसके साथ ही जानकारी देते हुए पेट्रो ने बताया कि उन्होंने ट्रंप को निजी मुलाकात का न्योता दिया था और साथ ही दोनों नेताओं ने ये भी तय किया कि बातचीत वॉशिंगटन में की जाएगी. ऐसे में माना रहा है कि यह मुलाकात आने वाले समय में व्हाइट हाउस में हो सकती है.

तीन देशों की बैठक

जानकारी के मुताबिक, लोगों को संबोधित करते हुए पेट्रो ने यह भी कहा कि उन्होंने कोलंबिया, अमेरिका और वेनेजुएला की अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रीगेज़ के बीच तीन देशों की बैठक का प्रस्ताव रखा है. उन्‍होंने ये भी कहा कि ‘हम तीन देशों के बीच बातचीत चाहते हैं, ताकि समाज के अंदर ऐसा टकराव न हो, जैसा कभी कोलंबिया में हुआ था.’

पेट्रो से बात करना सम्मान की बात- ट्रंप

ऐसे में सोशल मीडिया के एक्‍स पर पोस्‍ट के दौरान ट्रंप ने कहा कि पेट्रो से बात करना उनके लिए ‘बड़ा सम्मान’ था. उन्होंने ये भी लिखा कि ‘मैंने उनके फोन और उनके लहजे की सराहना की और जल्द ही उनसे मिलने का इंतजार कर रहा हूं.’

अमेरिका की कार्रवाई पर खुलकर बयान

दोनों नेताओं के बीच यह बातचीत ऐसे समय हुई है जब पेट्रो ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी को लेकर अमेरिका की कार्रवाई पर खुलकर बयान दिए थे. इस मामले को लेकर ट्रंप ने पहले ही कहा था कि कोलंबिया में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई ‘उन्हें ठीक लगती है.’ बता दें कि इसके पहले तो पहले ट्रंप ने पेट्रो को ‘बीमार आदमी’ तक कह दिया था और साथ ही ड्रग तस्करी के भी आरोप लगाए थे.

फायदे के हिसाब से कदम उठाने को तैयार दोनो नेता

ऐसे में अचानक बदले इस रुख से स्‍पष्‍ट है कि विचारधारा में फर्क होने के बावजूद दोनों नेता अपने फायदे के हिसाब से कदम उठाने को तैयार हैं. क्‍योंकि माना जा रहा है कि जरूरत पड़ने पर विरोधी से भी हाथ मिलाने में हिचक नहीं दिख रही.

कोलंबिया के लिए अमेरिका बेहद अहम साझेदार

बता दें कि कोलंबिया के लिए अमेरिका बेहद अहम साझेदार है. वहां की सेना वामपंथी गुरिल्ला समूहों और ड्रग तस्करों से लड़ रही है. इसके साथ ही पिछले 20 सालों में अमेरिका ने कोलंबिया को करीब 14 अरब डॉलर की मदद दी है.

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