North Korea: दुनिया इस समय बारूद के ढेर पर बैठी नजर आ रही है. एक तरफ मिडिल ईस्ट में 28 फरवरी से शुरू हुआ ईरान और अमेरिका-इजरायल का युद्ध भीषण रूप ले चुका है, वहीं दूसरी तरफ उत्तर कोरिया अपनी सैन्य ताकत को बढ़ाता जा रहा है. उत्तर कोरिया के किंग किम जोंग उन अपनी सैन्य ताकत को तेजी से बढ़ा रहे हैं. वह अपने तीसरे 5,000 टन के आधुनिक डेस्ट्रॉयर (युद्धपोत) का निर्माण तेजी से कर रहे हैं.
ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा
यह जहाज नाम्पो के शिपयार्ड में बनाया जा रहा है, जहां बड़े-बड़े क्रेन और मशीनें लगातार काम करती दिखाई दी हैं. इनका इस्तेमाल जहाज के बड़े हिस्सों, रडार और हथियार सिस्टम लगाने के लिए किया जा रहा है. ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से इसका खुलासा हुआ है. माना जा रहा है कि सत्तारूढ़ पार्टी की स्थापना की वर्षगांठ पर यह नया युद्धपोत बनकर तैयार हो जाएगा.
समुद्री ताकत भी बढ़ाना चाहता है उत्तर कोरिया
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर कोरिया अपनी नौसेना को आधुनिक बनाने के लिए रूस से तकनीकी मदद ले सकता है. उत्तर कोरिया का यह कदम दिखाता है कि वह सिर्फ परमाणु नहीं, बल्कि समुद्री ताकत भी बढ़ाना चाहता है. इससे क्षेत्र में सैन्य संतुलन और तनाव दोनों बढ़ सकते हैं.
दो डेस्ट्रॉयर “चोए ह्योन” और “कांग कों” भी लॉन्च
किम जोंग-उन ने आदेश दिया है कि इस नए युद्धपोत को 10 अक्टूबर तक तैयार किया जाए, जो कि सत्तारूढ़ पार्टी की स्थापना की वर्षगांठ है. रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले बनाए गए दो डेस्ट्रॉयर “चोए ह्योन” और “कांग कों” भी लॉन्च हो चुके हैं, लेकिन उनकी पूरी ऑपरेशनल क्षमता पर अभी भी सवाल हैं क्योंकि वे लंबे समय तक बंदरगाह पर ही खड़े रहे हैं.
वाशिंगटन को THAAD की जरूरत
सबसे चौंकाने वाली खबर यह है कि अमेरिका ने दक्षिण कोरिया की सुरक्षा में तैनात अपने सबसे आधुनिक THAAD (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) सिस्टम के हिस्सों को वहां से हटाना शुरू कर दिया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के साथ चल रहे युद्ध के कारण वाशिंगटन को इन हथियारों की जरूरत अब पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में महसूस हो रही है.
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