Petrol Diesel Price Hike: देश में लगातार बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है. मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई. खास बात यह है कि बीते चार दिनों के भीतर यह दूसरी बार है जब ईंधन की कीमतों में इजाफा हुआ है.
पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका सीधा असर रोजमर्रा की जिंदगी और बाजार की कीमतों पर भी पड़ता है. ट्रांसपोर्टेशन महंगा होने से खाने-पीने की चीजों से लेकर अन्य जरूरत के सामान तक की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है.
जिस तरह लगातार कुछ दिनों के भीतर दूसरी बार कीमतें बढ़ाई गई हैं, उसे देखते हुए लोगों के बीच यह चिंता भी बढ़ गई है कि आने वाले समय में ईंधन और महंगा हो सकता है. इस बीच कीमतों को लेकर इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (IOCL) के अधिकारी का बयान भी सामने आया है.
IOCL अधिकारी ने क्या कहा?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में दोबारा बढ़ोतरी के बाद IOCL (इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड) के एक अधिकारी ने बताया कि उपभोक्ताओं पर एक साथ ज्यादा बोझ न पड़े, इसलिए कीमतों में धीरे-धीरे बदलाव किया जा रहा है. Informist से बातचीत के दौरान अधिकारी ने कहा, “हम ये सब एक साथ नहीं करना चाहते, क्योंकि इससे महंगाई पर असर पड़ेगा”.
अधिकारी ने आगे कहा, “हमारी कीमतें एक निर्धारित सर्कल के हिसाब से तय होती हैं और हम तिमाही मुनाफे पर ध्यान देने के बजाय उपभोक्ताओं को जितना हो सके, बचाने की कोशिश कर रहे हैं. कीमतों में कुल कितनी बढ़ोतरी होगी, इसका फैसला शीर्ष स्तर पर लिया जाएगा, लेकिन वैश्विक हालात को देखते हुए ये बढ़ोतरी जरूरी थी”.
मंगलवार को फिर बढ़ीं पेट्रोल-डीजल की कीमतें
मंगलवार, 19 मई को सुबह एक बार फिर देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई. चार दिन पहले जहां पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई थी, वहीं अब इसमें करीब 90 पैसे की और वृद्धि कर दी गई है. इस नई बढ़ोतरी के बाद पिछले कुछ दिनों में कुल मिलाकर पेट्रोल और डीजल करीब 4 रुपये तक महंगे हो चुके हैं. लगातार बढ़ती कीमतों का असर अब आम लोगों के बजट पर साफ दिखाई देने लगा है.
क्यों बढ़ रहे हैं ईंधन के दाम?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार तेजी देखी जा रही है. वैश्विक स्तर पर सप्लाई और बाजार की अनिश्चितता का असर भारत पर भी पड़ रहा है. भारत अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर घरेलू बाजार पर भी दिखाई देता है.
महंगाई पर भी पड़ सकता है असर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी सिर्फ वाहन चालकों के लिए परेशानी नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे बाजार पर पड़ सकता है. ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्टेशन लागत बढ़ती है और फिर इसका असर सब्जियों, दूध, राशन और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों पर भी दिखाई देता है. ऐसे में आने वाले दिनों में लोगों की नजर इस बात पर बनी रहेगी कि ईंधन की कीमतों में और कितना बदलाव देखने को मिलता है.
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