North Korea : उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की बहन ने दक्षिण कोरिया के साथ लगती भारी हथियारों से लैस सीमा को लेकर नया दावा किया है. उत्तर कोरिया की वरिष्ठ अधिकारी किम यो जोंग ने कहा है कि वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के साथ सीमावर्ती सुरक्षा चौकियों के दौरे के बाद प्योंगयांग पूरी सीमा पर लाउडस्पीकर लगाएगा. किम यो जोंग ने सियोल को चेतावनी दी कि यदि उसने उत्तर कोरिया के आंतरिक मामलों में दखल देना जारी रखा तो उसे बेहद भयानक और कष्टदायक स्थिति का सामना करना पड़ेगा.
किम यो जोंग ने दी चेतावनी
बता दें कि किम यो जोंग वाशिंगटन और सियोल के मामलों पर अपने भाई की मुख्य प्रवक्ता हैं. उन्होंने बुधवार को सीमावर्ती इलाकों का दौरा किया, जहां उत्तर कोरियाई सैनिक सीमा पर किलेबंदी (मजबूत घेराबंदी) का काम कर रहे हैं. इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दक्षिण कोरिया इस किलेबंदी के काम में कोई बाधा डालता है या उकसावे की कार्रवाई करता है, तो उत्तर कोरिया इसका कड़ा जवाब देगा.
जे-म्युंग के प्रयासों को एक बड़ा झटका
बता दें कि उत्तर कोरिया की हालिया धमकियों ने दोनों देशों के बीच दुश्मनी कम करने के दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के प्रयासों को एक बड़ा झटका दिया है. इससे सीमा पर तनाव के उस स्तर तक पहुंचने का खतरा पैदा हो गया है, जो पिछले साल जून में ली के पदभार संभालने के बाद से सबसे अधिक होगा. दोनों कोरिया एक ‘असैन्य क्षेत्र’ (DMZ) से अलग-अलग हैं, जिसे 1950-53 के कोरियाई युद्ध के बाद एक युद्धविराम समझौते के तहत बनाया गया था.
दरअसल, उत्तर कोरिया ने साल 2024 से DMZ के अपनी तरफ के हिस्से में बारूदी सुरंगें बिछाकर और रुकावटें व बाड़ लगाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है. वहीं, दक्षिण कोरिया के साथ एक स्थायी सीमा स्थापित करना चाहता है. सियोल ने प्योंगयांग पर बारूदी सुरंगें बिछाने का आरोप लगाया है, जिसके कारण पिछले महीने एक विस्फोट हुआ और दो दक्षिण कोरियाई सैनिक गंभीर रूप से घायल हो गए. वहीं, उत्तर कोरिया ने जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया है और दक्षिण कोरिया की मनगढ़ंत कहानी बताकर इस आरोप को खारिज कर दिया.
संयुक्त राष्ट्र में मुद्दा उठाएगा सियोल
आपको बता दें कि दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को एक पत्र भेजेगा, जिसमें आरोप लगाया जाएगा कि यह विस्फोट उत्तर कोरिया की बारूदी सुरंगों के कारण हुआ और यह कोरियाई युद्ध के युद्धविराम समझौते का उल्लंघन है. मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने ब्रीफिंग में बताया कि इस पत्र में प्योंगयांग से माफी की मांग की जाएगी और तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए बातचीत का आह्वान किया जाएगा.

