Jerusalem: इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के दावे से एक बार फिर दुनिया भर में हलचल मच गई है. नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के लिए परमाणु हथियार संपन्न होना अब कठिन है. उन्होंने इसकी वजह 20 वैज्ञानिकों की मौत को बताया. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि दक्षिणी लेबनान में बनाए गए सुरक्षा बफर जोन में इजरायल तब तक बना रहेगा, जब तक वह इसे अपनी सुरक्षा के लिए आवश्यक समझेगा.
लेबनान के कुल भू-भाग का लगभग 6% हिस्सा
इजरायल द्वारा स्थापित यह बफर जोन दक्षिणी लेबनान में लगभग 602 वर्ग किलोमीटर (230 वर्ग मील) क्षेत्र में फैला हुआ है, जो लेबनान के कुल भू-भाग का लगभग 6% हिस्सा है. नेतन्याहू के अनुसार इस क्षेत्र में इजरायली सैन्य उपस्थिति का उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और संभावित खतरों को रोकना है. उन्होंने संकेत दिया कि इजरायल इस क्षेत्र से हटने के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं कर रहा है और स्थिति के आकलन के आधार पर ही निर्णय लिया जाएगा.
ईरान को तबाह और बर्बाद करने की बात
यरूशलम में जेएनएस इंटरनेशनल पॉलिसी समिट 2026 में नेतन्याहू ने ईरान को तबाह और बर्बाद करने की बात कही. इससे पहले अपने बड़े भाई की बरसी पर ईरान को परमाणु हथियार संपन्न न होने देने का वादा किया. इजरायली पीएम कार्यालय ने सोमवार को उनका वीडियो जारी किया. अपने संबोधन में नेतन्याहू ने दावा किया कि अमेरिका के सहयोग से इजरायल ने अपने इतिहास का सबसे बड़ा हवाई हमला किया. इस संयुक्त अभियान ने ईरान के परमाणु ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचाया और उसके परमाणु कार्यक्रम को पीछे धकेल दिया.
परमाणु हथियार बेहद कठिन
नेतन्याहू के अनुसार इजरायल ने ईरान के 20 प्रमुख परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया. उन्होंने कहा कि इनमें से 12 वैज्ञानिक ऑपरेशन राइजिंग लायन और 8 ऑपरेशन रोअरिंग लायन के दौरान मारे गए. उनका दावा था कि किसी देश के प्रमुख वैज्ञानिकों को खो देने के बाद परमाणु हथियार कार्यक्रम को आगे बढ़ाना बेहद कठिन हो जाता है. इजरायली पीएम ने भाषण की शुरुआत ये कहते हुए की कि अमेरिका और इजरायल दोनों आजाद और संप्रभु राष्ट्र हैं. वो बोले, हमें अपने हितों को ख्याल है और मैं यहां स्पष्ट करना चाहता हूं कि मेरे लिए इजरायल का हित सर्वोपरि है.
मैंने अपने बड़े भाई को खोया
इससे पहले वह अपने दिवंगत भाई के स्मृति समारोह में पहुंचे और बोले पचास वर्ष पहले मैंने अपने बड़े भाई, इजरायल के हीरो लेफ्टिनेंट कर्नल योनी नेतन्याहू को खो दिया था. आज स्मृति समारोह में मैंने यह संकल्प लिया कि मैं ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की इजाजत नहीं दूंगा.
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