बारूदी सुरंग विस्फोट में यूक्रेनी वालंटियर ओलेक्सी युकोव की मौत, देश ने जांबाज को दी भावुक अंतिम विदाई

Kyiv: यूक्रेन में बारूदी सुरंग की चपेट में आने से देश के वालंटियर ओलेक्सी युकोव मौत हो गई. 40 वर्षीय युकोव युद्ध के मैदान में शहीद हुए सैनिकों और नागरिकों के शवों को उनके परिजनों तक पहुंचाते थे. पूरे यूक्रेन ने जांबाज वालंटियर को अश्रुपूरित श्रद्धांजलि दी. बता दें कि बुधवार को एक शव बरामदगी अभियान के दौरान वह बारूदी सुरंग की चपेट में आ गए थे.

अंतिम संस्कार के दौरान पत्नी भावुक

युकोव की पत्नी एवगेनिया कलुहिना अंतिम संस्कार के दौरान भावुक नजर आईं और उन्होंने कहा कि वह अपने पति के काम को जारी रखेंगी. कढ़ाई वाली सफेद पोशाक पहने एवगेनिया कलुहिना अपने पति के ताबूत के पास खड़ी थीं. उन्होंने कहा कि यह काम (शव बरामद करने का) कठिन और डरावना था लेकिन मैं आपसे वादा करती हूं कि हम इसे जारी रखेंगे…. युकोव की बेटी डायना कलुहिना ने ‘एसोसिएटेड प्रेस’ से कहा कि शोकाकुल परिवारों के प्रति उनके पिता के ‘प्यार और संवेदनशीलता’ ने पूरे देश को प्रभावित किया.

जीवित लोगों के घावों को भरा

डायना ने कहा कि आज मेरे मन में बस एक ही बात है कि उन्होंने मृतकों का सम्मान किया और जीवित लोगों के घावों को भरा. उन्होंने केवल उम्मीद नहीं दी बल्कि लोगों को फिर से संभलने की ताकत दी. युकोव 2022 में एक बारूदी सुरंग विस्फोट में घायल हो गए थे और उनकी एक आंख की रोशनी चली गई थी. इन चोटों से पूरी तरह उबर नहीं पाने के बावजूद वह फिर से अग्रिम मोर्चे पर लौट गए थे.

अंतिम प्रार्थना सभा आयोजित

मध्य कीव स्थित सेंट वोलोदिमीर कैथेड्रल में ईसाई रीति रिवाज के अनुरूप अंतिम प्रार्थना सभा आयोजित की गई. जिसमें हजारों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे. कीव के मुख्य मैदान चौक पर भी बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए. युकोव का ताबूत वहां लाए जाने पर कई लोग सम्मान में घुटनों के बल बैठ गए. देश के अन्य शहरों में भी उनकी स्मृति में कार्यक्रम आयोजित किए गए. युकोव ने ‘प्लात्सदार्म’ (ब्रिजहेड) नामक संगठन की स्थापना की थी.

हर शव का उचित अंतिम संस्कार

उनका मानना था कि हर शव का उचित अंतिम संस्कार किया जाना चाहिए. युकोव युद्धग्रस्त डोनबास क्षेत्र के निवासी थे और मार्शल आर्ट के प्रशिक्षक थे. वह किशोरावस्था में ही शव बरामद करने के काम में जुट गए थे. उस समय उन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान मारे गए सोवियत और रूसी सैनिकों के अवशेष मिले थे. ‘प्लात्सदार्म’ के स्वयंसेवी खेतों और जंगलों, खंडहरों तथा ऐसे इलाकों में जाकर शव बरामद करते हैं, जहां जमीन में अक्सर बारूदी सुरंगें बिछी होती हैं.

इसे भी पढ़ें. चेन्नई के मशहूर बीच पर मिलेगा फ्री Wi-Fi, रोजाना 45 मिनट तक चलेगा इंटरनेट, 107 नए स्मार्ट पोल लगाने की तैयारी

Latest News

US Tariff: ट्रंप के 100% टैरिफ वाले बिल से बढ़ी भारत की चिंता, इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट पर पड़ सकता है असर

अमेरिकी सीनेट से रूस प्रतिबंध बिल पास होने के बाद भारत के इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट सेक्टर की चिंता बढ़ गई है. बिल में रूस की ऊर्जा के बड़े आयातकों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान है.

More Articles Like This

Exit mobile version