एक और बलूच युवक गायब, घर से जबरदस्ती उठा ले गई पाक सेना, अब उठी बिना शर्त रिहाई की मांग

Quetta: पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तानी युवक उमर बलूच को गुरुवार को प्रांत के केच जिले के मंड कोह इलाके में उनके घर से जबरदस्ती उठा ले गई. यह आरोप लगाते हुए बलूच नेशनल मूवमेंट के मानवाधिकार विभाग पांक ने इस घटना की निंदा की है. स्थानीय सूत्रों का हवाला देते हुए मानवाधिकार संस्था ने कहा कि पाकिस्तानी सेना के जवानों का इसमें पूरा हाथ है. वे देर रात उमर को उसके घर से बिना कोई वारंट दिखाए उठा ले गए. उन्होंने युवक के ठिकाने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी.

लापता युवक को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गायब किया

पांक ने उमर के ठिकाने का तुरंत खुलासा करने, उनकी बिना शर्त रिहाई और उन्हें एक अदालत के सामने तुरंत पेश करने की मांग उठाई है. संगठन का आरोप है कि लापता युवक को पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने गायब किया था. पांक ने कहा कि हम राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थाओं से इस मामले पर ध्यान देने और अंतर्राष्ट्रीय कानूनी मानकों के उल्लंघन के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को जवाबदेह ठहराने का आग्रह करते हैं.

जबरदस्ती गायब करने की बढ़ती घटनाओं की कड़ी आलोचना

इससे पहले गुरुवार को एक और मानवाधिकार संस्था बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने बलूचिस्तान और दूसरे इलाकों में जबरदस्ती गायब करने की बढ़ती घटनाओं की कड़ी आलोचना की. इसमें कहा गया कि ये काम ह्यूमन राइट्स का गंभीर उल्लंघन हैं और बलूच लोगों को दबाने की एक व्यवस्थित नीति का हिस्सा लगते हैं. हाल ही में बलूचिस्तान के पांच लोगों को गायब करने की घटना का उल्लेख करते हुए संगठन ने दावा किया था कि ये पाकिस्तानी सेना की करतूत थी.

मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला

उन्होंने कहा कि ये मानवाधिकार उल्लंघन का गंभीर मामला है, जिस पर ध्यान दिया जाना चाहिए. बीवीजे ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, मानवाधिकार संगठनों और पाकिस्तानी कोर्ट से अपील की कि वे इन घटनाओं पर ध्यान दें, जिम्मेदारी तय करें और सभी लापता लोगों की तुरंत रिहाई पक्की करें. पांक ने बुधवार को पाकिस्तानी सिक्योरिटी फोर्स द्वारा अवारन जिले के रहने वाले एक और बलूच जरीफ बलूच की बिना कानूनी कार्रवाई के हत्या की भी निंदा की.

नोंडारा इलाके से मिला था जरीफ का गोलियों से छलनी शव

राइट्स बॉडी ने कहा कि जरीफ का गोलियों से छलनी शव 6 जनवरी को अवारन के नोंडारा इलाके से मिला था. वह तीन महीने से अधिक समय तक लापता रहा था. पांक के मुताबिक अवारन के मलार इलाके के सियाकल के रहने वाले जरीफ को 29 सितंबर 2025 को जबरदस्ती गायब कर दिया गया था. तब पाकिस्तानी सिक्योरिटी फोर्स ने कथित तौर पर उसके घर पर छापा मारा था.

कस्टोडियल किलिंग के चल रहे पैटर्न का हिस्सा

मानवाधिकार संस्था ने इस गंभीर अपराध के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को जिम्मेदार ठहराया और इसे बलूचिस्तान में जबरदस्ती गायब करने और कस्टोडियल किलिंग के चल रहे पैटर्न का हिस्सा बताया. पांक ने कहा कि ऐसी हरकतें अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का गंभीर उल्लंघन हैं.

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