Islamabad: पाकिस्तान में गृह युद्ध और आंतरिक संघर्ष के बीच आर्थिक तौर पर झटका लगा है. 20 जनवरी 2026 तक 125 विदेशी कंपनियों ने देश में अपने ब्रांच और लायज़न कार्यालय औपचारिक रूप से बंद कर दिए हैं. ये कंपनियां कराची, लाहौर, इस्लामाबाद और पेशावर जैसे प्रमुख शहरों में सक्रिय थीं.
SECP ने किया खुलासा
जिन देशों की कंपनियां पाकिस्तान से बाहर हुई हैं उनमें अमेरिका, ब्रिटेन, संयुक्त अरब अमीरात, चीन, मलेशिया, सिंगापुर, जापान, तुर्किये, ऑस्ट्रेलिया, स्वीडन, बहरीन, कनाडा, फ्रांस और नीदरलैंड्स आदि शामिल हैं. यह खुलासा पाकिस्तान के शीर्ष कॉर्पोरेट नियामक Securities and Exchange Commission of Pakistan (SECP) ने खुलासा किया है.
बड़े बदलाव का संकेत
विशेषज्ञ मानते हैं कि 125 विदेशी कंपनियों का बाहर जाना पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था में विदेशी कॉर्पोरेट उपस्थिति में बड़े बदलाव का संकेत है. यह घटनाक्रम निवेश माहौल, आर्थिक स्थिरता और भविष्य की विदेशी पूंजी प्रवाह पर असर डाल सकता है. रिपोर्ट के अनुसार कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों ने पाकिस्तान में अपना संचालन समाप्त किया है.
मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियां भी शामिल
जिनमें ExxonMobil Exploration and Production Pakistan B.V., Panasonic Corporation Lufthansa German Airlines AG, Dell Global B.V., Nortel Networks (Asia) Ltd, Telcordia Technologies, Inc. शामिल हैं. इसके अलावा तेल-गैस, इंजीनियरिंग, निर्माण, बैंकिंग, बीमा, कंसल्टिंग और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनियां भी इस सूची में शामिल हैं.
कुछ अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन भी बाहर
इनमें Halliburton Limited, Doosan Heavy Industries and Construction Co., Limited, Mashreq Bank और T.C. Ziraat Bankasi A.S. जैसे नाम प्रमुख हैं. कुछ अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन भी बाहर हुए हैं, जैसे American Soybean Association और Peace Winds Japan. यह दिखाता है कि पाकिस्तान में विदेशी व्यापारिक उपस्थिति काफी व्यापक थी. आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार निवेश आकर्षित करने के लिए क्या कदम उठाती है.
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