Pakistan: भारत की ओर से 15 महीने पहले चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में जैश-ए-मोहम्मद के बहावलपुर स्थित मुख्यालय ‘मरकज सुभान अल्लाह’ को धवस्त कर दिया गया था. लेकिन हालिया तस्वीरों से पता चला है कि इस बिल्डिंग का फिर से पुनर्निर्माण किया गया है.
ऑपरेशन सिंदूर में इस आतंकी ठिकाने को नेस्तनाबूद कर दिया था. लेकिन हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों और खुफिया रिपोर्टों से यह जानकारी सामने आई है कि पाकिस्तान में इस इमारत को फिर से तैयार किया गया है. नई तस्वीरों में इमारत पूरी तरह से साफ नजर आ रही है.
बहावलपुर में बनी है यह इमारत
हाई-रिजॉल्यूशन सैटेलाइट तस्वीरों और खुफिया रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तान के एन-5 राष्ट्रीय राजमार्ग पर पंजाब प्रांत में करीब 100 किलोमीटर अंदर बहावलपुर में बनी इस इमारत को ‘मरकज सुभान अल्लाह’ कहा जाता है. इस परिसर की जो नई तस्वीरें सामने आई हैं, उनमें तेजी से हो रहे निर्माण को साफ देखा जा सकता है. भारतीय हमले में ध्वस्त हुई मस्जिद के गुम्बदों पर नया प्लास्टर किया गया है, नई सीमेंट पुरानी इमारत से बिल्कुल अलग नजर आ रही है, परिसर के भीतर हलचल भी बढ़ गई है. जबकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद जो तस्वीरें सामने आई थी, उसमें यह बिल्डिंग बुरी तरह से टूट गई थी. गुम्बदों पूरी तरह से टूटी हुई, परिसर में मलबा बिखरा हुआ दिखा था. लेकिन अब इसका पुनर्निर्माण हुआ है.
पाकिस्तान में फिर खड़ा हुआ जैश का आतंकी अड्डा
इस पुनर्निर्माण ने पाकिस्तान के दोहरे चरित्र को फिर उजागर कर दिया है. इस बीच, भारतीय नेतृत्व और गुप्तचर संस्थाओं ने इस्लामाबाद पर आरोप लगाया है कि दो सरकारी खजाने और अंतरराष्ट्रीय सहायता की आड़ में जैश और लश्कर के आतंकी ढांचे को फिर से खड़ा कर रहा है.
भारत का स्पष्ट रुख
वहीं, बात करें इस मामले में भारत के रुख कि तो यह स्पष्ट है. जब विकास के लिए विदेशी सहायता आती है, तो पाकिस्तान अपना बजट आतंक को पालने में लगा देता है. यहा तक की भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भारतीय राजनयिक खुलेआम कह चुके हैं कि पाकिस्तान करदाताओं का पैसा और वैश्विक सहायता अपनी जनता पर नहीं, बल्कि भारत की तरफ से ध्वस्त किए गए आतंकी अड्डों को फिर से बनाने पर खर्च कर रहा है.