पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में भी मुनीर के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी, सेना के खिलाफ जमकर नारेबाजी

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New Delhi: अब खैबर पख्तूनख्वा से भी पाकिस्तानी सेना और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के खिलाफ सड़कों पर विरोध शुरू हो गया है. पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर यानी PoK और बलूचिस्तान के बाद खैबर पख्तूनख्वा ने देश की चिंता बढा दी है. खैबर पख्तूनख्वा के बाजौर में प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सेना के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों को निशाना बनाते हुए कहा कि ये वर्दी वाले दहशतगर्द, ये कैप्टन-कर्नल दहशतगर्द, ये मेजर जनरल दहशतगर्द.

रावलाकोट और मुजफ्फराबाद में प्रदर्शन जारी

बाजौर में प्रदर्शनकारियों का गुस्सा सीधे पाकिस्तानी सेना की वर्दी और उसके बड़े अधिकारियों के खिलाफ दिखाई दिया. उधर, पीओके में भी विरोध प्रदर्शन थमने का नाम नहीं ले रहा है. रावलाकोट और मुजफ्फराबाद में प्रदर्शन जारी हैं. जम्मू-कश्मीर ज्वाइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेता सरदार अमन खान ने पाकिस्तान सरकार और सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका दावा है कि पीओके में प्रदर्शनकारियों पर दबाव बनाने के लिए राशन और जरूरी सामान की सप्लाई रोकी गई है.

प्रदर्शन खत्म करने और सरेंडर करने के लिए मजबूर

सरदार अमन खान का आरोप है कि लोगों को प्रदर्शन खत्म करने और सरेंडर करने के लिए मजबूर किया जा रहा है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मामले में आवाज उठाने की अपील की. पाकिस्तान के एक और अशांत इलाके बलूचिस्तान में भी हिंसा और विद्रोही गतिविधियां जारी हैं. सिंध के जैकबाबाद में रेलवे ट्रैक पर धमाका हुआ. बलूच रिपब्लिकन गार्ड्स ने इस हमले की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है.

इलाके में रेलवे ट्रैक को बनाया निशाना 

संगठन के प्रवक्ता दोस्तैन बलूच ने एक बयान में कहा कि उसके लड़ाकों ने जैकबाबाद सदर पुलिस स्टेशन के इलाके में रेलवे ट्रैक को निशाना बनाया. संगठन का दावा है कि बलूचिस्तान की पूर्ण आजादी तक उसके हमले जारी रहेंगे. इसी बीच बलूचिस्तान के मस्तुंग से भी एक बड़ा दावा सामने आया है. बलूच लिबरेशन फ्रंट यानी बीएलएफ ने पाकिस्तानी सेना के एक सैन्य कैंप पर हमला करने का दावा किया है. संगठन के मुताबिक, हमले में कैंप को नुकसान पहुंचाया गया और उसके बाद वहां अपने झंडे फहराए गए. बीएलएफ ने इलाके पर कंट्रोल हासिल करने का भी दावा किया है.

अपने अभियानों को लेकर बड़ा दावा

वहीं बलूच लिबरेशन आर्मी यानी बीएलए ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ अपने अभियानों को लेकर बड़ा दावा किया है. बीएलए ने जानकारी दी है कि पिछले 8 दिनों में पाकिस्तानी सेना और सुरक्षा बलों के खिलाफ 22 हमले किए गए. संगठन का दावा है कि इन हमलों में 26 पाकिस्तानी सुरक्षाकर्मी मारे गए. बीएलए की मानें तो कलात और सूराब में आईईडी धमाकों के जरिए हमले किए गए. चगाई, खारान और पंजगुर में पुलिस को निशाना बनाने का दावा किया गया. वहीं नुश्की, तुरबत और क्वेटा में घात लगाकर हमले किए जाने की बात कही गई है.

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