पाकिस्तान में शहबाज सरकार पर मंडरा रहा संकट, मोहसिन नकवी को देनी पड़ी सफाई

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Pakistan Political Crisis : पाकिस्तान में आज तक कभी भी किसी प्रधानमंत्री ने अपना संवैधानिक 5 साल का कार्यकाल पूरा नहीं किया. हर बार सरकार गिरी है, जिसके पीछे कहीं न कहीं सेना का हाथ जरूर रहा है. ऐसे में एक बार फिर से पाकिस्तान में जगह-जगह प्रदर्शन हो रहे हैं, जिससे अब सवाल उठने लगे है कि क्या शहबाज शरीफ भी अपना 5 साल का कार्यकाल पूरा कर सकेंगे या नही.

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से शहबाज शरीफ सरकार के भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं. कभी सिस्टम फेल होने की बात तो कभी सरकार का ‘काउंटडाउन’ शुरू होने का दावा. अब इन अटकलों पर खुद पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी ने विराम लगाने की कोशिश कर रहें है. उन्होंने स्पष्ट रुप से कहा कि शहबाज शरीफ सरकार कहीं नहीं जा रही और प्रधानमंत्री अपना पूरा पांच साल का संवैधानिक कार्यकाल पूरा करेंगे.
जानकारों का कहना है कि इस तरह के बयान दिखाते हैं कि पाकिस्तान की सरकार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. पत्रकारों से बातचीत में मोहसिन नकवी ने कहा कि ‘सरकार के कहीं जाने का कोई सवाल ही नहीं है. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपना पूरा पांच साल का संवैधानिक कार्यकाल पूरा करेंगे.’

शहबाज की सरकार गिरने की क्यों बढ़ीं अटकलें

दरअसल, हाल ही में मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान की शासन व्यवस्था पर सवाल उठाए थे. साथ ही उन्होंने मौजूदा सिस्टम को बुरी तरह विफल बताते हुए बड़े सुधारों की जरूरत बताई थी. इसके अलावा, नए प्रांत बनाए जाने की भी वकालत की थी. इसके बाद पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने कहा कि शहबाज सरकार का काउंटडाउन शुरू हो चुका है. उनके इसी बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में सरकार के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई थीं.

अपने ही मंत्रालय की जांच कराने को तैयार

पाकिस्तानी गृह मंत्री ने कहा कि वह अपने काम के लिए सीधे प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रति जवाबदेह हैं. उन्होंने सभी संघीय मंत्रालयों, यहां तक कि अपने मंत्रालय की भी किसी स्वतंत्र एजेंसी से समीक्षा कराने का प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री से सभी मंत्रालयों का ऑडिट कराने और उसकी रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग करेंगे. मोहसिन नकवी प्रधानमंत्री होने के साथ-साथ पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन भी हैं. उन्होंने कहा कि उनके काम का आकलन करने का अधिकार सिर्फ प्रधानमंत्री के पास है.

More Articles Like This

Exit mobile version