Paris Olympics 2024: ओलंपियन पहलवानों को क्यों नहीं है दाढ़ी बढ़ाने की इजाजत, यहां जानिए कुश्ती से जुड़े खास नियम

Divya Rai
Content Writer The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Paris Olympics 2024: आज 26 जुलाई से खेलों के महाकुंभ ओलंपिक का आगाज हो रहा है. इस बार ओलंपिक की मेजबानी पेरिस कर रहा है. ओलंपिक 2024 में दुनिया की नजर भारत के पहलवानों पर टिकी है. कुश्ती को लेकर ओलंपिक में कुछ खास नियम बताए गए हैं. आइए जानते हैं…

दरअसल, भारत में पहलवानों के विरोध प्रदर्शन चे चलते कुश्ती संघ लगातार विवादों में रहा है. ऐसे में भारत में कुश्ती पिछले 2 साल से ठप रही है.

भारत के कई पहलवानों ने कुश्ती में मेडल जीते हैं और भारत का नाम रौशन किया है. ऐसे में आइए हम आपको बताते हैं ओलंपिक में कुश्ती से जुड़े कुछ खास नियम…

बता दें कि ओलंपियन पहलवानों को दाढ़ी बढ़ाने की इजाजत नहीं होती है. उन्हें क्लीन शेव रहने के लिए कहा जाता है.

कुश्ती के खिलाड़ियों को सिंगलेट पहनाया जाता है, जो उनके पूरे शरीर को कवर करता है.

कुश्ती के खिलाड़ियों को कलाई, हाथ या टखनों पर पट्टियां पहनने की इजाजत नहीं होती है. वहीं, उन्हें किसी भी तरह के आभूषण पहनने की भी अनुमति नहीं होती.

वहीं, दाढ़ी न रखने की पीछे की वजह ये है कि दाढ़ी कुश्ती खिलाड़ियों के लिए बाधा पैदा कर सकती है. दूसरा प्रतिभादी जीतने के लिए सामने वाले की दाढ़ी खींच सकता है, इससे चोट लगने की संभावना रहती है. यही कारण है कि ओलंपियन पहलवानों को क्लीन शेव रहने के लिए कहा जाता है.

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