स्वीडन के बाद नॉर्वे ने भी प्रधानमंत्री मोदी को दिया सर्वोच्च सम्मान

प्रधानमंत्री Narendra Modi इन दिनों विदेश दौरे पर हैं और लगातार दो देशों में उन्हें सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किया गया है. पहले Sweden और अब Norway ने प्रधानमंत्री मोदी को अपने प्रतिष्ठित शाही सम्मान प्रदान किए हैं.

नॉर्वे ने दिया सर्वोच्च शाही सम्मान

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अब नॉर्वे ने भी अपने प्रतिष्ठित शाही सम्मान से सम्मानित किया है. स्वीडन के बाद अब नॉर्वे ने पीएम मोदी को देश के सर्वोच्च सम्मान ‘ग्रैंड क्रॉस ऑफ द रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट’ से सम्मानित किया है। यह सम्मान विदेशी नागरिकों को दिए जाने वाले नॉर्वे के सबसे बड़े सम्मानों में गिना जाता है. ‘ग्रैंड क्रॉस’ रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट का सर्वोच्च ग्रेड माना जाता है। इस सम्मान को प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक कूटनीति, भारत-नॉर्वे संबंधों को मजबूत करने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की बढ़ती भूमिका के लिए दिया गया है. माना जा रहा है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत और नॉर्वे के बीच ऊर्जा, हरित तकनीक, समुद्री सहयोग और निवेश जैसे क्षेत्रों में संबंध तेजी से मजबूत हुए हैं.

क्या है रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट ?

रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट की स्थापना वर्ष 1985 में नॉर्वे के राजा ओलाव पंचम ने की थी. यह सम्मान उन विदेशी नेताओं, राजनयिकों और अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को दिया जाता है जिन्होंने नॉर्वे और दुनिया के बीच सहयोग बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई हो. “ग्रैंड क्रॉस” इसकी सर्वोच्च श्रेणी मानी जाती है. नॉर्वे और मानवता के हित में उत्कृष्ट सेवा देने वाले विदेशियों और विदेश में रहने वाले नॉर्वे के नागरिकों को यह प्रदान किया जाता है.

किसे दिया जाता है यह सम्मान?

रॉयल नॉर्वेजियन ऑर्डर ऑफ मेरिट को मुख्य रूप से विदेशी राजनयिकों, सिविल सेवकों, मानद वाणिज्य दूतों और अंतर्राष्ट्रीय हस्तियों को दिया जाता है। इस सम्मान को मुख्य रूप से तीन श्रेणियों या ग्रेड में बांटा गया है। इसमें ‘ग्रैंड क्रॉस’सर्वोच्च ग्रेड है। इसके बाद सेंट ओलाव आता है। सेंट ओलाव का शाही नॉर्वेजियन पदक ऑर्डर ऑफ सेंट ओलाव नॉर्वे के नागरिकों के लिए है, वहीं, ‘ऑर्डर ऑफ मेरिट’मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नॉर्वे के साथ संबंधों को मजबूत करने वालों को दिया जाता है।

कल स्वीडन में भी प्रधानमंत्री मोदी हुए थे सम्मानित

इससे एक दिन पहले Sweden ने भी प्रधानमंत्री मोदी को “रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, डिग्री कमांडर ग्रैंड क्रॉस” से सम्मानित किया था. यह सम्मान स्वीडन की ओर से विदेशी राष्ट्राध्यक्षों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान माना जाता है. लगातार दो यूरोपीय देशों द्वारा सम्मानित किए जाने को भारत की मजबूत होती वैश्विक कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय प्रभाव के तौर पर देखा जा रहा है. विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे यूरोपीय देशों के साथ भारत के रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को और मजबूती मिल सकती है.

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