Peshawar: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoJK) में पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन चल रहा है. आसमान छूती महंगाई, बेरोजगारी और बिजली-गेहूं की भारी किल्लत के खिलाफ पाकिस्तान सरकार और सेना के विरुद्ध व्यापक और उग्र बगावत छिड़ चुकी है. रावलकोट, मुजफ्फराबाद, मीरपुर और कोटली सहित कई शहरों में हजारों की संख्या में स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए हैं और शहबाज सरकार तथा पाकिस्तानी सेना के खिलाफ खुलकर बगावती नारे लगा रहे हैं.
पाकिस्तान पर अधिकारों पर नियंत्रण का आरोप
असंतोष की खबरें एक बार फिर सुर्खियों में हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो और बयानों में प्रदर्शनकारी कथित तौर पर पाकिस्तान सरकार पर क्षेत्र के संसाधनों और अधिकारों पर नियंत्रण रखने का आरोप लगाते दिखाई दे रहे हैं. एक वायरल बयान में प्रदर्शनकारी कहते सुनाई देते हैं…“We throw your subsidies back in your face. Get out of our land. It is a matter between us and India, not Pakistan.” हम आपकी सब्सिडी आपके मुँह पर दे मारते हैं.
यह मामला हमारे और भारत के बीच का
हमारी ज़मीन से निकल जाओ. यह मामला हमारे और भारत के बीच का है, पाकिस्तान का नहीं. इसके अलावा “हम जानें, हिंदुस्तान जाने” के नारे भी गूंजे. इस जन-आंदोलन का नेतृत्व संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) द्वारा किया जा रहा है, जिसने क्षेत्र की 38 प्रमुख मांगों जैसे सस्ती बिजली और सस्ते गेहूं की आपूर्ति के लिए हड़ताल का आह्वान किया था.
स्थानीय समूहों और कार्यकर्ताओं द्वारा समय-समय पर मुद्दों को उठाया जाता रहा है-
जल, बिजली और प्राकृतिक संसाधनों पर स्थानीय नियंत्रण की मांग.
आर्थिक अवसरों और विकास परियोजनाओं में अधिक हिस्सेदारी.
स्थानीय शासन और राजनीतिक अधिकारों को मजबूत करने की मांग.
बढ़ती महंगाई और प्रशासनिक नीतियों के खिलाफ विरोध.
जनमत को लेकर अलग-अलग दावे
PoJK में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बिजली दरों, गेहूं सब्सिडी और संसाधनों के बंटवारे को लेकर कई बार बड़े प्रदर्शन हो चुके हैं. हालांकि, क्षेत्र की राजनीतिक स्थिति और वहां के जनमत को लेकर विभिन्न पक्ष अलग-अलग दावे करते हैं.
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