PoJK में फिर भड़क सकता है बड़ा आंदोलन, अवामी एक्शन कमेटी ने 15 जुलाई को मार्च का किया ऐलान

Shivam
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Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
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Highlights

  • जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद मार्च का ऐलान किया.
  • गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और 38 सूत्रीय मांगपत्र लागू करने की मांग तेज हुई.
  • रावलाकोट, मीरपुर, कोटली और बाग समेत कई इलाकों से हजारों लोगों के शामिल होने की संभावना.
  • मुजफ्फराबाद में सुरक्षा बढ़ाई गई, प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव की आशंका.
  • JAAC ने चेतावनी दी कि 14 जुलाई के बाद आंदोलन और व्यापक रूप ले सकता है.

POJK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (POJK) में एक बार फिर बड़े आंदोलन की आहट तेज हो गई है. सरकार विरोधी प्रदर्शनों का नेतृत्व कर रही जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने 15 जुलाई 2026 को मुजफ्फराबाद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है. संगठन का कहना है कि उसने पहले पाकिस्तान सरकार को अपनी मांगों को लेकर अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कोई ठोस फैसला नहीं होने के बाद अब बड़े जनआंदोलन का रास्ता चुना गया है. माना जा रहा है कि यह मार्च हाल के समय का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन साबित हो सकता है.

15 जुलाई को मुजफ्फराबाद के लिए निकलेंगे हजारों लोग

JAAC ने कहा है कि यदि उसकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो 15 जुलाई को पीओजेके के अलग-अलग जिलों से हजारों लोग मुजफ्फराबाद के लिए रवाना होंगे. संगठन के अनुसार रावलाकोट, मीरपुर, कोटली, बाग और आसपास के क्षेत्रों से बड़े काफिले इस मार्च में शामिल हो सकते हैं.

सरकार को दी चेतावनी

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने चेतावनी दी है कि 14 जुलाई के बाद आंदोलन केवल उसके मौजूदा 38 सूत्रीय मांगपत्र तक सीमित नहीं रहेगा. संगठन के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में विरोध प्रदर्शन और अधिक व्यापक रूप ले सकते हैं.

क्या हैं JAAC की प्रमुख मांगें?

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी की प्रमुख मांगों में गिरफ्तार नेताओं और कार्यकर्ताओं की रिहाई, सुरक्षाबलों की कार्रवाई बंद करना, इंटरनेट और अन्य संचार सेवाओं को बहाल करना तथा पहले से स्वीकार किए गए 38 सूत्रीय मांगपत्र को लागू करना शामिल है. इसके अलावा संगठन बेहतर राजनीतिक प्रतिनिधित्व, शासन व्यवस्था में सुधार और आम लोगों को बिजली, खाद्य सामग्री तथा अन्य आवश्यक सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराने की भी मांग कर रहा है.

जनजीवन प्रभावित होने की आशंका

15 जुलाई को प्रस्तावित मुजफ्फराबाद मार्च को मौजूदा आंदोलन का सबसे बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है. बड़ी संख्या में लोगों के सड़कों पर उतरने की संभावना को देखते हुए पीओजेके के कई इलाकों में बाजार बंद रहने, यातायात प्रभावित होने और सामान्य जनजीवन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.

मुजफ्फराबाद में बढ़ाई गई सुरक्षा

रिपोर्टों के मुताबिक, पाकिस्तानी प्रशासन ने मुजफ्फराबाद और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है. प्रमुख सड़कों, प्रवेश मार्गों और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है. आशंका जताई जा रही है कि प्रशासन प्रदर्शनकारियों को मुजफ्फराबाद पहुंचने से रोकने की कोशिश कर सकता है. यदि ऐसा होता है तो प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है.

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