PoK protests: पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जनरल असीम मुनीर सेना की हैवानियत सारी हदें पार कर चुकी है. सस्ती बिजली और दो वक्त की रोटी जैसे अधिकार मांगने पर मासूम लोगों को सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर मारा जा रहा है. वहीं, इस बार तो पाकिस्तान के ‘फेल्ड मार्शल’ ने क्रूरता का नया रिकॉर्ड बना दिया है. उन्होंने PoK के लोगों को बातचीत के बहाने बुलाया, समझौते का झांसा दिया और फिर पीठ पीछे अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं, जिसमें एक पाकिस्तानी क्रिकेटर को भी गोलियों से भून डाला. अब PoK में ऐसे बवाल मचने की आशंका है, जिसे शायद ही संभालना पाकिस्तानी सेना के बस में हो.
पाकिस्तानी फौज ने PoK में किया गोलीकांड
पाकिस्तान के आर्मी चीफ असीम मुनीर के इशारे पर काम कर रही फौज ने रावलकोट में बिजली, पानी और बुनियादी हकों की मांग कर रहे निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर सीधे गोलियां बरसा दीं, जिसमें स्थानीय लोगों के चहेते और बेहद होनहार युवा क्रिकेटर वाजिद हयात समेत चार बेगुनाह नागरिकों की मौके पर ही मौत हो गई.
दरअसल, रावलकोट के मटियालमीरा बस टर्मिनल पर पिछले कई दिनों से लोग शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे हुए थे, जिनकी मांग बस अपने बच्चों के लिए सस्ती बिजली, साफ पानी और आटा जैसी बुनियादी जरूरतें थे लेकिन असीम मुनीर की सेना को ये शांति भी बर्दाश्त नहीं हुई.
बातचीत के आड़ में दिया धोखा
बता दें कि एक ओर हुसैनकोट रावलकोट में जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नुमाइंदों और पाकिस्तानी सरकार व सेना के अफसरों के बीच समझौते की बातचीत चल रही थी, वहीं दूसरी ओर सेना ने चुपके से हमले का प्लान तैयार कर लिया था. जैसे ही JAAC ने अपनी कुछ जायज मांगों को पूरा किए बिना धरना खत्म करने से इनकार किया, मुनीर की फौज ने बिना किसी चेतावनी के मटियालमीरा बस टर्मिनल को चारों तरफ से घेर लिया. इसके बाद जो हुआ, उसने इंसानियत को शर्मसार कर दिया.
आसिम मुनीर के आदेश पर माथे और छाती पर मारी गोलियां
फौज ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस नहीं छोड़ी, बल्कि सीधे माथे और छाती को निशाना बनाकर अंधाधुंध गोलियां दागनी शुरू कर दीं. इस खूनी तांडव में कई लोग जमीन पर तड़पने लगे.
गोलीबारी में मारे गए ये लोग
क्रिकेटर वाजिद हयात: मटियालमीरा के रहने वाले वाजिद हयात लंबे समय से पीओके के आंदोलन से जुड़े हुए थे और शांति से अपने अधिकारों के लिए प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान पाकिस्तानी फौज ने उनकी जान लेली.
जाहिद मुगल: सुधनोती के बलोच इलाके के पास फौज ने बर्बरता की सारी हदें पार करते हुए जाहिद नाम के एक और युवा को मौत के घाट उतार दिया.
सरदार अरसलान: इस तांडव में मारे गए तीसरे प्रदर्शनकारी की पहचान सरदार अरसलान के रूप में हुई है, जिन्होंने हक की आवाज उठाते हुए अपनी जान गंवा दी.
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि मरने वालों का आंकड़ा अभी और तेजी से बढ़ सकता है, क्योंकि अस्पतालों में भर्ती दर्जनों युवाओं की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है.

