नेपाल के पूर्व पीएम पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ भारत दौरे पर, पार्टी के समर्थकों को करेंगे संबोधित

Aarti Kushwaha
Reporter The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

Prachanda Delhi Visit: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ सोमवार को भारत दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वो दिल्‍ली में नेपाली प्रवासी समुदाय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे. पूर्व पीएम नई दिल्ली का दौरा ऐसे समय में हो रहा है जब नेपाल में इस साल 5 मार्च 2026 को हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स का चुनाव होने वाला है. इस दौरान बड़ी संख्या में विदेश में रहने वाले नेपालियों के वोट डालने के लिए घर लौटने की उम्मीद है.

बता दें कि पुष्प कमल दहल नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के सहयोजक भी हैं. कम्युनिस्ट पार्टी पहले की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओवादी सेंटर), सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट), और कई दूसरी वामपंथी पार्टियों के विलय के बाद बनी थी. दहल सोमवार को नई दिल्ली के लाजपत भवन ऑडिटोरियम में नेपाली सोसायटी, इंडिया की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे.

कम्युनिस्ट ताकतों की एकता का संदेश

नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के एक सीनियर लीडर हरिबोल गजुरेल ने बताया कि “इस दौरे का मुख्य मिशन नेपाली समुदाय, खासकर हमारी पार्टी के समर्थकों को संबोधित करना है, ताकि नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी के तहत कम्युनिस्ट ताकतों की एकता का संदेश दिया जा सके. हम देश के अंदर एकता का संदेश देने के लिए बड़ी बैठक आयोजित कर रहे हैं, और यह नई दिल्ली में इसी तरह की एक मीटिंग का हिस्सा है.”

पिछले साल नवंबर की शुरुआत में, सीपीएन (माओइस्ट सेंटर), सीपीएन (यूनिफाइड सोशलिस्ट), और एक दर्जन से ज्यादा दूसरे छोटे वामपंथी दलों ने मिलकर नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी बनाई. आगामी चुनाव से पहले नेपाल में राजनीतिक ताकतें खुद को मजबूत करने की कोशिश कर रही हैं.

पार्टी को करना पड़ रहा आलोचनाओं का सामना

पिछले साल सितंबर 2025 में जेन-जी आंदोलन के बाद पारंपरिक राजनीतिक दलों, जिसमें प्रचंड के नेतृत्व वाली पार्टी भी शामिल है, को अपनी नाकामियों को लेकर बढ़ती आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. गजुरेल ने यह भी कहा कि भारतीय नेताओं के साथ एक अनौपचारिक बैठक हो सकती है. हालांकि, अभी तक ऐसी कोई बैठक तय नहीं हुई है. दहल इससे पहले मई 2023 में नेपाल के पीएम के तौर पर नई दिल्ली आए थे, जिस दौरान दोनों देशों के बीच कई समझौते हुए थे.

प्रचंड के सचिवालय की तरफ से जारी एक बयान के अनुसार, नई दिल्ली में हो रही इस मीटिंग का मकसद नेपाली समुदाय के बीच आपसी तालमेल, सहयोग और एक जैसे भविष्य के लिए प्रतिबद्धता को और मजबूत करना है. सचिवालय ने कहा, “इस प्रोग्राम का मुख्य मकसद भारत में रहने वाले नेपाली भाइयों और बहनों को एक करना और सोशल और राजनीतिक जागरुकता बढ़ाना है.”

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