President Donald Trump : मिडिल ईस्ट में जारी जंग के चलते तनाव बढ़ता ही जा रहा है. ईरानी विदेश मंत्री की रूस यात्रा से डोनाल्ड ट्रंप और भड़क गए हैं. ऐसे में उन्होंने धमकी देते हुए कहा कि अगर तीन दिन के अंदर ईरान समझौता नहीं करता है तो फिर उसकी तेल की पाइपलाइनों में भयंकर विस्फोट होगा.
इस मामले को लेकर मीडिया से बातचीत के दौरान इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान तेल निर्यात करने के लायक ही नहीं बचेगा. इसके साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि नाकेबंदी के चलते ईरान जहाजों के जरिए तेल निर्यात नहीं कर पा रहा है तो वहीं पाइपलाइन ध्वस्त होने के बाद उसका निर्यात एकदम से बंद हो जाएगा.
अराघची के विमान पर लिखा “मिनाब 168”
ऐसे में एक बार फिर ईरान के विदेश मंत्री पाकिस्तान से रूस पहुंचे हैं और वह अब पुतिन से वार्ता करने वाले हैं. बता दें कि रूसी मीडिया ने इसकी पुष्टि की है. प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब्बास अराघची मेराज एयरलाइन के जिस विशेष विमान से रूस पहुंचे हैं उस पर “मिनाब 168” लिखा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, ये नाम उन स्कूली बच्चों की याद में दिया गया है, जो अमेरिका- इजरायल की स्ट्राइक में मारे गए थे.
जानकारी के मुताबिक, ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची कूटनीतिक दौरे पर हैं. ऐसे में वह ओमान की यात्रा के बाद फिर इस्लामाबाद लौटे और वहां से अब रूस पहुंच गए हैं, जहां उनकी मुलाकात राष्ट्रपति पुतिन से हो सकती है.
ईरान के खिलाफ युद्ध जीतने से नहीं रोकेगा- ट्रंप
बताया जा रहा है कि ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया, जब अमेरिका ईरान पर समुद्री और आर्थिक दबाव लगातार बढ़ा रहा है. इस दौरान उन्होंने यह स्पष्ट करते हुए कहा कि व्हाइट हाउस डिनर में हुई फायरिंग जैसी घटनाएं भी उनके रुख को नहीं बदलेंगी. इस मामले को लेकर ट्रंप ने कहा कि यह मुझे ईरान के खिलाफ युद्ध जीतने से नहीं रोकेगा. मीडिया का कहना है कि अराघची ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक लिखित मैसेज पहुंचाए हैं, जिनमें परमाणु मुद्दे और होर्मुज जैसे अहम विषय शामिल हैं.
ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को भेजा लिखित प्रस्ताव
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने डोनाल्ड ट्रंप को लिखित प्रस्ताव भेजा था, जिसे उन्होंने तुरंत खारिज कर दिया. साथ ही ट्रंप ने दावा किया कि पहला प्रस्ताव खारिज होने के बाद ईरान ने दूसरा प्रस्ताव भेजा जो कि उससे बेहतर है. उनका मानना है कि बात करने के लिए आने-जाने में बहुत समय लगता है इसलिए अब सारी बातें फोन पर होंगी. ईरान जब चाहें उन्हें फोन कर सकता है. वहीं ईरान का कहना है कि अब आगे की बातें मॉस्को में होंगी.
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