New Delhi: भारत और जापान की वायुसेनाओं के बीच चल रहा संयुक्त युद्धाभ्यास ‘वीर गार्जियन 2026’ अब अपने सबसे आक्रामक और अंतिम चरण में पहुंच चुका है. अंतरराष्ट्रीय सीमा से महज 200 किलोमीटर की दूरी पर जोधपुर एयरबेस से उड़ान भरते भारतीय राफेल, सुखोई और तेजस के साथ जापानी एफ-2ए लड़ाकू विमानों ने काल्पनिक दुश्मन के ठिकानों को पलक झपकते ही तबाह करने का जोरदार अभ्यास किया. ‘वीर गार्जियन 2026’ इसी महीने 9 सितंबर से शुरू हुआ था और 22 सितंबर तक चलेगा.
ऑपरेशनल तालमेल और आपसी समझ को बढ़ाना
इसका उद्देश्य भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने के साथ दोनों वायुसेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल और आपसी समझ को बढ़ाना है. यह ‘वीर गार्जियन’ का दूसरा संस्करण है. दोनों देशों के जांबाज पायलटों ने युद्ध जैसी परिस्थितियों में एयर स्ट्राइक और डॉगफाइट के जटिल मिशनों को अंजाम देकर साबित कर दिया कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शांति की रक्षा के लिए यह दोस्ताना गठजोड़ कितना मारक है. सीमा के बेहद करीब आसमान में मचे इस भीषण कंपकंपी ने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की नींद उड़ा दी है.
अचूक मार करने वाले राफेल को मोर्चे पर तैनात किया
चौदह दिनों तक चलने वाले इस महा-अभ्यास में दोनों देशों ने अपने सबसे घातक फ्रंटलाइन फाइटर जेट्स को मैदान में उतारा. हवाई युद्ध की रणनीतियों को धार देने के लिए आसमान में दिन-रात सॉर्टियां भरी गईं. भारतीय वायुसेना ने अपने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस के साथ-साथ मल्टीरोल एयर सुपीरियरिटी फाइटर सुखोई-30 एमकेआई और अचूक मार करने वाले राफेल को मोर्चे पर तैनात किया. जापानी एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स (JASDF) ने अपने अत्याधुनिक एफ-2ए लड़ाकू विमानों के साथ भारतीय पायलटों के साथ तालमेल बिठाकर उन्नत परिचालन मिशनों को सफलतापूर्वक पूरा किया.
दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच मिशन प्लानिंग
हवा में मिसाइलों और बमों के सिमुलेशन के अलावा जमीन पर भी दोनों सेनाओं के शीर्ष रणनीतिकारों ने साझा रणनीति को अंतिम रूप दिया. जोधपुर एयरफोर्स स्टेशन पर दोनों देशों के सैन्य अधिकारियों के बीच मिशन प्लानिंग कॉन्फ्रेंस और विषय विशेषज्ञों का संवाद हुआ. अभ्यास के दौरान केवल उड़ान तक सीमित न रहते हुए ग्राउंड इंजीनियरिंग, विमानों के त्वरित रखरखाव और अंतरिक्ष सुरक्षा से जुड़े आधुनिक पहलुओं पर भी अहम चर्चा की गई. इस युद्धाभ्यास ने दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच ऑपरेशनल तालमेल को एक नए मुकाम पर पहुंचा दिया है.
भारत और जापान की जुगलबंदी ज्यादा आक्रामक
भविष्य की किसी भी सुरक्षा चुनौती से निपटने के लिए भारत और जापान की यह जुगलबंदी अब पहले से कहीं ज्यादा आक्रामक और तैयार नजर आ रही है. जापानी एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के एफ-2 लड़ाकू विमानों की मौजूदगी इस संयुक्त अभ्यास का खास आकर्षण रही. इससे पहले 2023 में ‘वीर गार्जियन 23’ का आयोजन जापान में हुआ था. उस अभ्यास में भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने पहली बार जापान में इस संयुक्त हवाई अभ्यास में हिस्सा लिया था. वहीं, ‘वीर गार्जियन 2026’ जापान एयर सेल्फ डिफेंस फोर्स के लड़ाकू विमानों का भारत में पहला संयुक्त प्रशिक्षण अभ्यास है.
बेहतर समन्वय विकसित करना भी अभ्यास का अहम हिस्सा
अभ्यास के दौरान दोनों देशों के वायु योद्धा अलग-अलग हवाई अभियानों और ऑपरेशनल गतिविधियों में हिस्सा ले रहे हैं. साथ ही, वे एक-दूसरे की संचालन प्रक्रियाओं और युद्धक तौर-तरीकों को समझ रहे हैं. संयुक्त अभियानों के दौरान बेहतर समन्वय विकसित करना भी अभ्यास का अहम हिस्सा है. ‘वीर गार्जियन 2026’ के जरिए दोनों देशों की वायुसेनाओं को वास्तविक युद्ध जैसी परिस्थितियों में अपनी क्षमताओं को परखने और एक-दूसरे के अनुभवों से सीखने का अवसर मिल रहा है.
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