फ्रांस में हो रही हिंसा की क्या है वजह, किस बात को लेकर है लोगों में नाराजगी?

Abhinav Tripathi
Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)
Must Read
Abhinav Tripathi
Abhinav Tripathi
Sub Editor, The Printlines (Part of Bharat Express News Network)

International News: फ्रांस के न्यू कैलेडोनिया में लगातार हिंसा जारी है. लाख कोशिश के बाद भी इस इलाके से हिंसा कम होने का नाम नहीं ले रही है. इस इलाके में अभी अशांति का माहौल है. प्रदर्शनकारियों ने फ्रांस के द्वीप न्यू कैलेडोनिया में एक पुलिस स्टेशन और एक टाउन हॉल सहित कई इमारतों में रविवार रात आग लगा दी. अधिकारियों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार इस हिंसा के कारण अब तक नौ लोगों की मौत हो गई है. इसी के साथ प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को ब्लॉक कर के रख दिया है. उपद्रवी पुलिस को निशाना बना रहे हैं.

आखिर फ्रांस में हिंसा की वजह क्या है?

जानकारी दें कि मई के महीने में फ्रांस में चुनावी सुधार योजना को लेकर न्यू कैलेडोनिया में दंगे और लूटपाट शुरू हो गई थी. इस नई योजना से स्थानीय एक समुदाय के लोगों को डर है कि वह स्थाई रूप से अल्पसंख्यक हो जाएंगे. इससे उनकी स्वतंत्रता की उम्मीदें निश्चित रूप से पहुंच से बाहर हो जाएंगी

राजधानी नौमिया के उत्तर में डुम्बिया में, पुलिस स्टेशन और एक गैरेज को आग लगा दी गई. हालांकि, ऐसी पहली बार न्यू कैलेडोनिया में नहीं हुआ है. जब आगजनी की घटना सामने आई हो. इसके अलावा नौमिया के ड्यूकोस और मैजेंटा जिलों में भी आग लगाई गई थी. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन में के परिसर में ही पुलिस के साथ निजी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया था.

राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम

गौरतलब है कि बोरेल में पुलिस और अलगाववादियों के बीच झड़प की खबर सामने आई है. इस झड़प में एक व्यक्ति घायल हो गया है. इन घटनावओं को देखते हुए फ्रांसीसी सरकार ने पेरिस से करीब 10,600 मील दूर क्षेत्र में 3,000 से अधिक सैनिकों और पुलिस की तैनाती को बढ़ा दिया है. इसी के साथ हिंसा वाले इलाकों में विद्यालयों को बंद करने का आदेश दिया गया है.

यह भी पढ़ें: श्रीलंका से सीधे यूएई पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, इन मुद्दों पर हुई बात

Latest News

वन्यजीवों के प्रहरियों की सुरक्षा का संकल्प: डॉ. राजेश्वर सिंह ने तराई के Wildlife Protectors के लिए की बड़ी पहल

पीलीभीत टाइगर रिजर्व के मुस्तफाबाद में 140 बाघ मित्रों को सम्मानित किया गया. डॉ. राजेश्वर सिंह ने बाघ मित्रों और वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों के लिए ₹5 लाख जीवन बीमा और ₹2 लाख चिकित्सा बीमा की पहल की. कार्यक्रम में Leopard Rescue Centre और पीलीभीत-तराई पर फिल्म निर्माण की भी घोषणा हुई.

More Articles Like This