रूसी हमलों में अब तक 13 यूक्रेनी नागरिकों की मौत, जेलेंस्की बोले- मौके पर कम पड गए हमारे इंटरसेप्टर

Russia Ukraine War: रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव में एक बार फिर भीषण हमला किया. हमलों में अब तक 13 लोगों की मौत हुई है और 40 घायल हैं. जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. कीव में अपार्टमेंट इमारतों और गोदामों को निशाना बनाया गया, जबकि एक बच्चों का अस्पताल और स्कूल भी क्षतिग्रस्त हुए, इस हमले ने यूक्रेन की वायु रक्षा व्यवस्था की कमजोर होती स्थिति को फिर सामने ला दिया है.

168 ड्रोन और 44 मिसाइलें दागीं

यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक रूस ने रातभर में 168 ड्रोन और 44 मिसाइलें दागीं. इनमें से 146 ड्रोन और 39 क्रूज मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया गया है. हालांकि यूक्रेनी वायुसेना के एक अपडेट से संकेत मिला कि इस्तेमाल की गई रूसी बैलिस्टिक मिसाइलों में से कोई भी इंटरसेप्ट नहीं की जा सकी. रूसी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसके हमलों में हवाई, जमीन और समुद्र से दागे जाने वाले हथियारों का इस्तेमाल हुआ और सैन्य ठिकानों तथा हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया.

रक्षा प्रणालियों के लिए पश्चिमी देशों पर निर्भर

राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूसी हमले में हुई मौतों की एक बड़ी वजह यूक्रेन के पास पर्याप्त बैलिस्टिक मिसाइल रोधी इंटरसेप्टर नहीं होना है. यूक्रेन को ऐसी रक्षा प्रणालियों के लिए पश्चिमी देशों पर निर्भर रहना पड़ता है. जेलेंस्की ने कहा कि जब तक यूक्रेन के पास बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने के लिए पर्याप्त क्षमता नहीं होगी, तब तक रूस को शांति के लिए गंभीरता से सोचने की वजह नहीं मिलेगी. उन्होंने खास तौर पर पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों की जरूरत बताई.

पश्चिमी देशों से मदद की अपील 

कीव के मेयर विताली क्लित्स्को ने भी पश्चिमी देशों से मदद की अपील की. उन्होंने कहा कि यूक्रेन को गोला-बारूद और मिसाइल रोधी प्रणालियों की जरूरत है. यूक्रेन के सांसद ओलेक्सी गोंचारेंको ने दावा किया कि देश बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के सामने लगभग असुरक्षित है और इंटरसेप्टर के बिना कुछ नहीं कर सकता. इस हमले का असर सिर्फ आंकड़ों में नहीं दिखता. कीव के सोलोमियांस्की इलाके में तबाह इमारतों के बीच वालेरिया बोंदारुक भी थीं.

दूसरी बार उजड़ गया घर 

वह दक्षिणी यूक्रेन में अपना घर बमबारी में खोने के बाद अपनी 13 साल की बेटी के साथ कीव आई थीं. उन्हें लगा था कि राजधानी ज्यादा सुरक्षित होगी. अब दूसरी बार उनका घर उजड़ गया है. हमले के दौरान वह बिना बम शेल्टर वाले घर में एक गलियारे में छिपी रहीं. उनके कमरे की दीवार में धंसा कांच का टुकड़ा हमले की भयावहता दिखा रहा था. उन्होंने अब यूक्रेन छोड़ने पर विचार करने की बात कही है. एक नौ मंजिला इमारत में रहने वाली 31 वर्षीय शिक्षिका अनास्तासिया कोवतुन ने बताया कि धमाकों के दौरान उन्हें लगा जैसे उनका सिर फट जाएगा. उनका कहना था कि अगर वे कुछ मिनट और फ्लैट में रहतीं तो शायद जिंदा नहीं बचतीं.

इसे भी पढ़ें. हिसार में वारदातः कोर्ट परिसर में ताबड़तोड़ गोली मारकर गैंगस्टर विनोद काणा की हत्या, साथी गंभीर

Latest News

बांग्लादेश के 23वें राष्ट्रपति बने मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर, चुनाव में मिले 255 वोट 

Bangladesh New Presiden: बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के पूर्व महासचिव मिर्जा फखरुल इस्लाम आलमगीर को देश के 23वां राष्ट्रपति चुना...

More Articles Like This

Exit mobile version