Russia Ukraine war: रूस ने जिस युद्ध की शुरुआत यूक्रेन की जमीन पर की थी, अब उसकी आंच रूस के अंदर भी महसूस होने लगी है. पहले यूक्रेन बॉर्डर से लगे रूसी इलाकों पर ही हमला कर पा रहा था. लेकिन अब समय बदल चुका है, यूक्रेन अब पहले से कहीं ज्यादा दूर तक और ज्यादा ताकत के साथ रूस पर मिसाइल हमले कर रहा है.
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेन अब अपनी मिसाइलों से रूस के लगभग आधे हिस्से में हमला कर पा रहा है, जिसके चलते इन इलाको में मिसाइल हमले का अलर्ट जारी करना पड़ा है. इन सबके बीच यूक्रेन का मकसद साफ है- रूस पर इ तना दबाव बनाना कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शांति वार्ता की मेज पर आने को मजबूर हो जाएं.
यूक्रेन की मिसाइलों के रेंज में आधा रूस
बता दें कि यूक्रेन ने रूस के अंदर अपने मिसाइल हमलों की दूरी और तीव्रता दोनों बढ़ा दी हैं. इसी वजह से इस साल दुनिया के सबसे बड़े देश रूस के लगभग आधे इलाकों में मिसाइल हमले का अलर्ट जारी करना पड़ा है. केवल पिछले एक हफ्ते में ही मॉस्को के दक्षिण-पूर्व में स्थित वोल्गा के कम से कम पांच क्षेत्रों में मिसाइल खतरे का अलर्ट जारी किया गया. इसके अलावा, दक्षिणी अस्त्राखान क्षेत्र और उत्तरी कॉकस के कम से कम चार क्षेत्रों में भी ऐसे अलर्ट जारी हुए.
ऐसे ही मॉस्को, व्लादिमीर, ताम्बोव, ओर्योल और लिपेत्स्क जैसे मध्य रूस के क्षेत्रों में भी मिसाइल हमले की चेतावनी दी गई.दरअसल रूस की मंशा है कि चार साल से ज्यादा समय से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर शांति वार्ता शुरू करने का दबाव बनाया जाए. युद्ध की शुरुआत में तो मिसाइल हमले की चेतावनी सिर्फ यूक्रेन की सीमा से लगे रूसी इलाकों और रूस के कब्जे वाले यूक्रेनी क्षेत्रों तक ही सीमित रहती थी. लेकिन इस साल हालात बदल गए हैं.
रूस की 70 प्रतिशत आबादी पर मिसाइल दाग चुका यूक्रेन
रिर्पोट के अनुसार, रूस की 70 प्रतिशत से ज्यादा आबादी जिन इलाकों में रहती है, वहां भी मिसाइल हमले का अलर्ट जारी किया जा चुका है. बता दें कि यूक्रेन अब अपने ही देश में विकसित लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलों का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है. इन्हें वह अपने लगातार बढ़ते हमलावर ड्रोन बेड़े के साथ इस्तेमाल कर रहा है. इससे यूक्रेन अब रूस के अंदर पहले से कहीं ज्यादा दूर मौजूद सैन्य और औद्योगिक ठिकानों पर हमला कर सकता है.