Digital Burnout: स्मार्टफोन, लैपटॉप और सोशल मीडिया आज हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं. सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक ज्यादातर लोग किसी न किसी स्क्रीन से जुड़े रहते हैं. ऑफिस का काम हो, ऑनलाइन पढ़ाई, सोशल मीडिया स्क्रॉल करना या फिर ओटीटी पर वेब सीरीज देखना, दिन का बड़ा हिस्सा अब डिजिटल दुनिया में ही गुजरता है.
हालांकि तकनीक ने जिंदगी को आसान बनाया है, लेकिन लगातार स्क्रीन के सामने बिताया गया समय शरीर और दिमाग दोनों पर असर डाल सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक जरूरत से ज्यादा स्क्रीन टाइम धीरे-धीरे डिजिटल बर्नआउट (Digital Burnout) की समस्या पैदा कर सकता है. यह ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति मानसिक और शारीरिक रूप से थका हुआ महसूस करने लगता है और उसका असर काम, नींद, व्यवहार और स्वास्थ्य पर साफ दिखाई देने लगता है.
क्या होता है Digital Burnout?
‘बर्नआउट’ का मतलब किसी काम को लंबे समय तक लगातार करते रहने के कारण होने वाली मानसिक और शारीरिक थकावट से है. वहीं डिजिटल बर्नआउट उस स्थिति को कहा जाता है, जब लगातार मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट या अन्य डिजिटल स्क्रीन के इस्तेमाल की वजह से व्यक्ति मानसिक रूप से थकने लगता है. इस स्थिति में दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता, जिससे तनाव बढ़ने लगता है और व्यक्ति की कार्यक्षमता भी प्रभावित हो सकती है.
डिजिटल बर्नआउट के क्या हैं संकेत?
डिजिटल बर्नआउट के कई ऐसे लक्षण हैं जिन्हें समय रहते पहचानना जरूरी है. यदि इनमें से कई समस्याएं लगातार महसूस हो रही हैं, तो यह बढ़ते स्क्रीन टाइम का संकेत हो सकता है.
- काम में पहले जैसी रुचि न रहना.
- मानसिक तनाव या डिप्रेशन जैसा महसूस होना.
- नींद आने में परेशानी या अनिद्रा.
- शरीर और दिमाग में लगातार थकान रहना.
- एंग्जायटी या बेचैनी महसूस होना.
- सीने में दर्द या घबराहट की शिकायत.
- भावनात्मक अस्थिरता (Emotional Instability).
- आंखों में सूखापन और जलन.
- सिर, गर्दन और कंधों में दर्द.
- किसी काम पर ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई.
- छोटी-छोटी बातों पर चिड़चिड़ापन.
डिजिटल बर्नआउट से कैसे बचें?
विशेषज्ञों के अनुसार डिजिटल बर्नआउट से बाहर निकलने के लिए सबसे जरूरी है कि स्क्रीन टाइम को नियंत्रित किया जाए और शरीर व दिमाग को पर्याप्त आराम दिया जाए.
स्क्रीन टाइम कम करें
जरूरी काम के अलावा मोबाइल और लैपटॉप का इस्तेमाल सीमित करने की कोशिश करें. खासकर छुट्टी वाले दिन लगातार स्क्रीन देखने से बचें और समय-समय पर ब्रेक लेते रहें.
20-20-20 नियम अपनाएं
आंखों को आराम देने के लिए 20-20-20 नियम काफी प्रभावी माना जाता है. इस नियम के अनुसार हर 20 मिनट बाद 20 सेकंड का ब्रेक लें और लगभग 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को देखें. इससे आंखों पर पड़ने वाला दबाव कम होता है.
हफ्ते में एक दिन Digital Detox करें
अगर पूरी तरह स्क्रीन से दूरी बनाना संभव नहीं है, तो सप्ताह में कम से कम एक दिन या कुछ घंटों के लिए मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाने की आदत डालें. इससे दिमाग को आराम मिलता है.
माइंडफुलनेस और डीप ब्रीदिंग करें
तनाव कम करने के लिए रोजाना कुछ मिनट माइंडफुलनेस और डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज करें. इससे मानसिक शांति मिलती है और तनाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है.
रोजाना करें हल्की एक्सरसाइज
प्रतिदिन 15 से 20 मिनट की वॉक, योग या हल्की एक्सरसाइज शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद होती है. नियमित शारीरिक गतिविधि तनाव कम करने और ऊर्जा बनाए रखने में मदद करती है.
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